गोरखपुर में मिनिमल इनवेसिव सर्जरी से युवक को मिली नई जिंदगी
Gorakhpur News: छोटे चीरों से रीढ़ की हड्डी जोड़ मरीज को दी नई जिंदगी
Amar Ujala
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गोरखपुर, उत्तर प्रदेश में एम्स के डॉक्टरों ने एक 30 वर्षीय युवक की रीढ़ की हड्डी की जटिल सर्जरी की, जिससे उसे नई जिंदगी मिली। सड़क दुर्घटना में घायल युवक की सर्जरी मिनिमल इनवेसिव तकनीक से की गई, जिसमें केवल चार छोटे चीरे लगाए गए।
- 0130 वर्षीय युवक की रीढ़ की हड्डी टूटी थी
- 02सड़क दुर्घटना के बाद युवक को गंभीर चोटें आईं
- 03मिनिमल इनवेसिव सर्जरी में केवल चार छोटे चीरे लगे
- 04सर्जरी के 24 घंटे बाद युवक ने नरे बैठना शुरू कर दिया
- 05डॉक्टरों ने तत्काल सर्जरी का निर्णय लिया
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गोरखपुर, उत्तर प्रदेश में एम्स के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय भारती की टीम ने एक 30 वर्षीय युवक की रीढ़ की हड्डी की जटिल सर्जरी की, जिसने उसे नई जिंदगी दी। युवक, जो देवरिया का निवासी है, सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था, जिससे उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई थी। कई चिकित्सकों से परामर्श करने के बाद, परिजन उसे इमरजेंसी में लाए। जांच में पता चला कि टूटी हुई हड्डी से स्पाइनल कार्ड पर दबाव बढ़ रहा था, जिससे पेशाब करने में कठिनाई और पैरालिसिस का खतरा था। डॉ. भारती ने मिनिमल इनवेसिव सर्जरी (एमआईएस) तकनीक का उपयोग किया, जिसमें केवल चार छोटे चीरे लगाए गए, जबकि पारंपरिक ओपन सर्जरी में 15 से 20 सेंटीमीटर के चीरे की आवश्यकता होती। सर्जरी के 24 घंटे बाद, युवक ने नरे बैठना शुरू कर दिया, जिससे उसकी स्थिति में सुधार हुआ।
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इस सर्जरी से युवक की जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा और उसके परिवार को राहत मिलेगी।
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