केराकत में हादसे में दो मजदूरों की मौत, परिवार पर पड़ा गहरा असर
केराकत हादसा: 25 लाख में दफन हुई दो मजदूरों की मौत? तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया; हुआ समझौता
Amar Ujala
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केराकत, उत्तर प्रदेश में अडानी टोटल गैस लिमिटेड की पाइपलाइन में लीकेज सुधारते समय दो मजदूरों, निरंजन महतो और प्रिंस की मौत हो गई। इस हादसे ने उनके परिवारों पर गहरा असर डाला है, खासकर प्रिंस के तीन छोटे बच्चों पर।
- 01दो मजदूरों की मौत हुई, एक अन्य ने बचने में सफलता पाई।
- 02हादसे के बाद कार्यदायी संस्था की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं।
- 03प्रिंस के परिवार में तीन छोटे बच्चे हैं, जो अब पिता के बिना हैं।
- 04निरंजन महतो के परिवार का भी सहारा छिन गया है।
- 05परिजनों ने शवों को बिहार ले जाने की प्रक्रिया पूरी की।
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केराकत, उत्तर प्रदेश में अडानी टोटल गैस लिमिटेड की पाइपलाइन में लीकेज सुधारने के दौरान एक गंभीर हादसा हुआ, जिसमें दो मजदूर, निरंजन महतो (32) और प्रिंस (20) की मौत हो गई। घटना के समय तीन मजदूर 30 फीट गहरे गड्ढे में काम कर रहे थे, जब जेसीबी से मिट्टी निकालते समय किनारे का हिस्सा धंस गया। एक मजदूर शशि रंजन बच गया, जबकि अन्य दो मलबे में दब गए। एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और पुलिस ने शवों को निकालने के लिए घंटों मेहनत की। इस हादसे ने प्रिंस के परिवार पर गहरा असर डाला है, क्योंकि वह अपने तीन छोटे बच्चों का इकलौता सहारा था। निरंजन महतो की पत्नी और बच्चों का भी सहारा छिन गया है। इस घटना पर क्षेत्र के लोगों में चर्चा का विषय बनी हुई है कि कार्यदायी संस्था की लापरवाही के बावजूद कोई आधिकारिक कार्रवाई नहीं हुई।
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इस हादसे ने प्रिंस और निरंजन के परिवारों को आर्थिक और भावनात्मक रूप से प्रभावित किया है।
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