पटना रिंग रोड परियोजना: 15 हजार करोड़ का निवेश, सड़क दुर्घटनाओं में कमी की उम्मीद
पटना में 15 हजार करोड़ का 150 किमी रिंग रोड; एक्सेस कंट्रोल से हादसों पर लगेगा ब्रेक, मंत्री ने बताई खासियत
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पटना में 15 हजार करोड़ रुपये की लागत से 150 किलोमीटर लंबी रिंग रोड परियोजना का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें एक्सेस कंट्रोल खंड शामिल होगा। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी और वाहनों की ईंधन खपत में कमी आने की संभावना है, जिससे शहर में जाम की समस्या भी कम होगी।
- 01रिंग रोड परियोजना की कुल लागत 15 हजार करोड़ रुपये है।
- 02यह रिंग रोड पटना को सारण, गया, अरवल, भोजपुर, समस्तीपुर और वैशाली से जोड़ेगी।
- 03परियोजना के तहत एक्सेस कंट्रोल खंड का निर्माण किया जाएगा।
- 04रिंग रोड से शहर में भारी वाहनों का दबाव कम होगा।
- 05इससे सोनपुर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट तक पहुंच आसान होगी।
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पटना में 15 हजार करोड़ रुपये की लागत से 150 किलोमीटर लंबी रिंग रोड परियोजना का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना में एक्सेस कंट्रोल खंड शामिल होगा, जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है। पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने बताया कि इस रिंग रोड का डिजाइन इस तरह तैयार किया गया है कि इससे वाहनों की ईंधन खपत में कमी आएगी, जिससे ट्रांसपोर्टरों को आर्थिक राहत मिलेगी। यह रिंग रोड पटना को सारण, गया, अरवल, भोजपुर, समस्तीपुर और वैशाली से जोड़कर शहर में भारी वाहनों का दबाव कम करेगी। इसके साथ ही, यह प्रस्तावित सोनपुर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए एक महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी लिंक बनेगी। वर्तमान में, कन्हौली-शेरपुर खंड का काम आवंटित किया जा चुका है और इस परियोजना के तहत अब तक 39.16 किलोमीटर सड़क का निर्माण 984 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जा चुका है।
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रिंग रोड परियोजना से पटना और आसपास के क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी। इससे शहर में जाम की समस्या में कमी आएगी और लॉजिस्टिक हब के रूप में विकास को बढ़ावा मिलेगा।
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