1200 साल पुराने नरसिंह मंदिर में बद्रीनाथ धाम की भविष्यवाणी
1200 साल पुराने इस मंदिर में भगवान नरसिंह की रहस्यमयी मूर्ति, भविष्य में यहां होगी बद्रीनाथ धाम की स्थापना
News 18 Hindi
Image: News 18 Hindi
ज्योतिर्मठ, चमोली, उत्तराखंड में स्थित 1200 साल पुराना नरसिंह मंदिर भगवान नरसिंह की शांत मूर्ति के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि जब मूर्ति की कलाई गिरेगी, तब बद्रीनाथ धाम की स्थापना भविष्य बद्री में होगी। यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है।
- 01नरसिंह मंदिर की स्थापना आदि गुरु शंकराचार्य ने की थी।
- 02मंदिर की मूर्ति शालिग्राम पत्थर से बनी है और लगभग 10 इंच ऊंची है।
- 03सर्दियों में बद्रीनाथ की पूजा यहीं होती है।
- 04मूर्ति की कलाई गिरने पर बद्रीनाथ धाम का मार्ग बंद होगा।
- 05भविष्य में नए बद्रीनाथ धाम की स्थापना भविष्य बद्री में होगी।
Advertisement
In-Article Ad
ज्योतिर्मठ, चमोली, उत्तराखंड में स्थित नरसिंह मंदिर, भगवान नरसिंह के शांत रूप की पूजा के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर लगभग 1200 वर्ष पुराना है और इसकी स्थापना आदि गुरु शंकराचार्य ने की थी। मंदिर में भगवान नरसिंह की मूर्ति शालिग्राम पत्थर से बनी है, जो लगभग 10 इंच ऊंची है। मान्यता है कि जब इस मूर्ति की बाईं कलाई गिरेगी, तब नर और नारायण पर्वत आपस में मिल जाएंगे और बद्रीनाथ धाम की स्थापना भविष्य बद्री में होगी। सर्दियों में, जब बद्रीनाथ धाम बंद होता है, तब भगवान बद्रीनाथ की मूर्ति को यहां लाया जाता है और नरसिंह भगवान के साथ उनकी पूजा की जाती है। यह मंदिर न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को भी समृद्ध करता है।
Advertisement
In-Article Ad
इस मंदिर की मान्यता और पूजा से श्रद्धालुओं को मानसिक और आध्यात्मिक शांति मिलती है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि भविष्य में बद्रीनाथ धाम की स्थापना होगी?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।



