रोहिंग्या और बांग्लादेशियों की मानव तस्करी के आरोपियों को मिली सजा
रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को सीमा पारकर मानव तस्करी करने वालों को मिली सजा, जुर्माना भी लगा
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लखनऊ में विशेष न्यायालय ने रोहिंग्या और बांग्लादेशी महिलाओं और बच्चों की मानव तस्करी के आरोपियों को अलग-अलग अवधि की सजा और जुर्माना लगाया। मुख्य आरोपी मोहम्मद नूर समेत अन्य को सात से आठ साल की कठोर सजा सुनाई गई।
- 01विशेष न्यायालय ने मानव तस्करी के आरोपियों को सजा सुनाई।
- 02मुख्य आरोपी मोहम्मद नूर को गिरफ्तार किया गया था।
- 03तस्करी का नेटवर्क त्रिपुरा में सक्रिय था।
- 04आरोपियों पर अलग-अलग जुर्माना भी लगाया गया।
- 05पुलिस ने कई पीड़ितों को मुक्त कराया।
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लखनऊ में एटीएस/एनआइए मामलों के विशेष न्यायाधीश जैनेन्द्र कुमार पांडेय ने रोहिंग्या और बांग्लादेशी महिलाओं और बच्चों की मानव तस्करी के आरोपियों को सजा सुनाई। मुख्य आरोपी मोहम्मद नूर उर्फ नूरूल इस्लाम को समेत अन्य आरोपियों को सात से आठ वर्ष की कठोर कारावास की सजा दी गई। इन पर अलग-अलग धनराशि का जुर्माना भी लगाया गया। एटीएस ने जानकारी प्राप्त की थी कि एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह अवैध रूप से इन नागरिकों को भारत लाने का काम कर रहा था। जांच में पता चला कि आरोपियों का नेटवर्क त्रिपुरा में सक्रिय था। 26 जुलाई 2021 को एटीएस ने गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से नूर को गिरफ्तार किया और कई पीड़ितों को मुक्त कराया।
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इस निर्णय से मानव तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश मिलता है, जिससे स्थानीय समुदायों में सुरक्षा की भावना बढ़ेगी।
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