अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम, चीन की महत्वपूर्ण भूमिका
अमेरिका- ईरान में कैसे रुकी जंग? डेडलाइन खत्म होने वाली थी और आखिरी समय में चीन ने कमाल कर दिया
Ndtv
Image: Ndtv
अमेरिका और ईरान ने दो हफ्ते के युद्धविराम पर सहमति जताई है, जो कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दी गई डेडलाइन खत्म होने से ठीक पहले हुआ। इस समझौते में चीन ने मध्यस्थता की, जिससे ईरान ने पाकिस्तान के प्रस्ताव को स्वीकार किया। वार्ता 10 अप्रैल से इस्लामाबाद में शुरू होगी।
- 01अमेरिका और ईरान ने दो हफ्ते के युद्धविराम पर सहमति जताई।
- 02यह निर्णय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दी गई डेडलाइन खत्म होने से पहले लिया गया।
- 03चीन ने ईरान को तनाव कम करने के लिए लचीलापन दिखाने का सुझाव दिया।
- 04संघर्ष विराम का प्रस्ताव पाकिस्तान ने पेश किया।
- 05वार्ता 10 अप्रैल से इस्लामाबाद में शुरू होगी।
Advertisement
In-Article Ad
अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम तय हो गया है, जो कि उस समय आया जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को समाप्त करने की डेडलाइन खत्म होने में केवल एक घंटा बाकी था। इस समझौते के तहत, ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलेगा। यह निर्णय ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद द्वारा लिया गया है और इसे नए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई ने मंजूरी दी है। चीन ने इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसने ईरान को तनाव कम करने और लचीलापन दिखाने के लिए प्रेरित किया। वार्ता 10 अप्रैल से इस्लामाबाद में शुरू होगी, लेकिन सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने स्पष्ट किया है कि यह वार्ता युद्ध के अंत का संकेत नहीं देती।
Advertisement
In-Article Ad
इस युद्धविराम से मध्य पूर्व में स्थिरता की उम्मीदें बढ़ी हैं, जो क्षेत्र के देशों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि अमेरिका और ईरान के बीच यह युद्धविराम स्थायी शांति की ओर ले जाएगा?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




