हिमाचल प्रदेश में पंचायतों द्वारा पानी की योजनाओं के लिए 150 करोड़ का बजट जल शक्ति विभाग को हस्तांतरित
हिमाचल प्रदेश: पानी की स्कीमों के 150 करोड़ खर्च नहीं कर पाईं पंचायतें, अब जल शक्ति विभाग को हस्तांतरित
Amar Ujala
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हिमाचल प्रदेश में पंचायतों ने पानी की योजनाओं के लिए 150 करोड़ रुपये का बजट खर्च नहीं किया, जिससे यह राशि जल शक्ति विभाग को हस्तांतरित कर दी गई है। पंचायतों की स्टाफ कमी के कारण योजनाओं का संचालन प्रभावित हुआ है। अब जल शक्ति विभाग इन योजनाओं का संचालन करेगा।
- 01पंचायतों ने पानी की योजनाओं के लिए 150 करोड़ रुपये का बजट खर्च नहीं किया।
- 02जल शक्ति विभाग को बजट हस्तांतरित किया गया है ताकि योजनाएं प्रभावी रहें।
- 03पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने स्टाफ कमी को बजट खर्च न होने का कारण बताया।
- 04पंचायतें अब योजनाओं के संचालन पर शुल्क भी लगा सकेंगी।
- 05मदन लाल वर्मा ने उच्च न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की है।
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हिमाचल प्रदेश में पंचायतों ने पानी की योजनाओं के लिए 150 करोड़ रुपये का बजट खर्च नहीं किया, जिसके कारण यह राशि जल शक्ति विभाग को हस्तांतरित कर दी गई है। पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि स्टाफ की कमी के कारण पंचायतें बजट का सही उपयोग नहीं कर पा रही हैं। अब जल शक्ति विभाग योजनाओं का संचालन करेगा, जबकि पंचायतें इनका रखरखाव करेंगी और संचालन पर निर्धारित शुल्क भी वसूल सकेंगी। शिमला जिले के केलवी जिला परिषद वार्ड सदस्य मदन लाल वर्मा ने इस मामले में उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने सरकार के आदेश को वापस लेने का आग्रह भी किया है।
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यह निर्णय पंचायतों के लिए बजट के सही उपयोग को सुनिश्चित करेगा और पानी की योजनाओं के संचालन में सुधार लाएगा।
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