चुनाव आयोग ने एग्जिट पोल पर रोक और प्रचार के लिए 'साइलेंस पीरियड' की घोषणा की
चुनाव आयोग ने 9 से 29 अप्रैल तक एग्जिट पोल पर लगाई रोक, प्रचार के लिए 'साइलेंस पीरियड' लागू
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भारत के चुनाव आयोग ने 9 से 29 अप्रैल तक एग्जिट पोल के प्रकाशन पर रोक लगा दी है। यह निर्णय पांच विधानसभा चुनावों के लिए लिया गया है, जिसमें केरल, असम, पुड्डुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। चुनाव प्रचार के लिए 'साइलेंस पीरियड' मतदान से 48 घंटे पहले लागू होगा।
- 019 से 29 अप्रैल तक एग्जिट पोल का प्रकाशन व प्रसारण प्रतिबंधित है।
- 02उल्लंघन पर दो साल तक की जेल या जुर्माना हो सकता है।
- 03केरल, असम और पुड्डुचेरी में मतदान 9 अप्रैल को होगा।
- 04तमिलनाडु में मतदान 23 अप्रैल को होगा।
- 05साइलेंस पीरियड मतदान से 48 घंटे पहले शुरू होगा।
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भारत के चुनाव आयोग ने 9 से 29 अप्रैल तक होने वाले पांच विधानसभा चुनावों के लिए एग्जिट पोल के प्रकाशन और प्रसारण पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। यह रोक लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126ए के तहत लागू की गई है, जिसके उल्लंघन पर दो साल तक की जेल या जुर्माना हो सकता है। मतदान के लिए निर्धारित तिथियों में केरल, असम और पुड्डुचेरी में 9 अप्रैल, तमिलनाडु में 23 अप्रैल और पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा। चुनाव प्रचार के लिए 'साइलेंस पीरियड' मतदान समाप्त होने से 48 घंटे पहले लागू होगा, जिसमें केवल सीमित संख्या में घर-घर जाकर प्रचार की अनुमति होगी। यह नियम डिजिटल युग में लागू करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। आमतौर पर मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होता है, लेकिन भौगोलिक स्थिति और सुरक्षा कारणों से समय में बदलाव संभव है।
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यह निर्णय चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को बढ़ाने में मदद करेगा और मतदाताओं को सही जानकारी प्रदान करेगा।
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