उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निगरानी के लिए ड्रोन तकनीक का उपयोग
यूपी में अब ड्रोन से होगी औद्योगिक क्षेत्रों की निगरानी, यूपीसीडा की 50वीं बोर्ड बैठक में पारदर्शिता और तकनीक पर जोर
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उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) की 50वीं बोर्ड बैठक में औद्योगिक क्षेत्रों की पारदर्शिता और निगरानी के लिए ड्रोन तकनीक लागू करने का निर्णय लिया गया। बैठक में 34 प्रस्तावों पर चर्चा की गई और भूमि आवंटन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ई-ऑक्शन का भी निर्णय लिया गया।
- 01यूपीसीडा ने औद्योगिक क्षेत्रों की निगरानी के लिए ड्रोन तकनीक लागू करने का निर्णय लिया।
- 02बैठक में 34 औद्योगिक विकास प्रस्तावों पर चर्चा की गई।
- 03भूमि आवंटन का 75 प्रतिशत पूरा होने के बाद 25 प्रतिशत भूमि का आवंटन ई-ऑक्शन के माध्यम से होगा।
- 04सड़क संपर्क और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।
- 05मुख्य सचिव ने विश्वस्तरीय औद्योगिक ईकोसिस्टम बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) की 50वीं बोर्ड बैठक लखनऊ में अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में औद्योगिक विकास और निवेश प्रोत्साहन से जुड़े 34 प्रस्तावों पर चर्चा की गई। एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत औद्योगिक क्षेत्रों में पारदर्शिता और निगरानी सुनिश्चित करने के लिए ड्रोन आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा, भूमि आवंटन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ई-ऑक्शन का निर्णय लिया गया, जिसमें आवंटन योग्य भूमि का 75 प्रतिशत आवंटन पूर्ण होने के बाद शेष 25 प्रतिशत भूमि का आवंटन किया जाएगा। बैठक में सहारनपुर और बदायूं में भूमि अधिग्रहण के संदर्भ में सड़क संपर्क और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए गए। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि यूपीसीडा का लक्ष्य उत्तर प्रदेश में एक विश्वस्तरीय औद्योगिक ईकोसिस्टम का निर्माण करना है, जो तकनीक और पारदर्शिता पर आधारित हो।
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ड्रोन तकनीक के उपयोग से औद्योगिक क्षेत्रों की निगरानी में सुधार होगा, जिससे निवेशकों को बेहतर वातावरण मिलेगा।
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