ईरान-अमेरिका वार्ता के बीच पाकिस्तानी जेट्स की सऊदी अरब में तैनाती
ईरान-अमेरिका वार्ता के बीच सऊदी अरब क्यों पहुंचे पाकिस्तानी एयरफोर्स के जेट्स?
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ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में वार्ता चल रही है, जबकि पाकिस्तानी वायुसेना के जेट्स सऊदी अरब के किंग अब्दुल अजीज एयर बेस पर पहुंचे हैं। यह तैनाती पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुए 'ज्वाइंट स्ट्रेटेजिक डिफेंस एग्रीमेंट' के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच सहयोग को बढ़ाना है।
- 01ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्तों की सीजफायर पर बातचीत हो रही है।
- 02पाकिस्तानी वायुसेना के जेट्स सऊदी अरब पहुंचे हैं।
- 03यह तैनाती 'ज्वाइंट स्ट्रेटेजिक डिफेंस एग्रीमेंट' के तहत हुई है।
- 04इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच सैन्य तालमेल बढ़ाना है।
- 05वार्ता में अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान की ओर से मोहम्मद बाघेर गालिबाफ शामिल हैं।
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इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्तों की सीजफायर पर बातचीत चल रही है, जिसमें अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान की ओर से संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ शामिल हैं। इस बातचीत के बीच, पाकिस्तानी वायुसेना के जेट्स सऊदी अरब के किंग अब्दुल अजीज एयर बेस पर पहुंचे हैं। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने इस तैनाती की पुष्टि की है, जो कि दोनों देशों के बीच पिछले साल सितंबर में हुए 'ज्वाइंट स्ट्रेटेजिक डिफेंस एग्रीमेंट' के तहत की गई है। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच सैन्य तालमेल को बढ़ाना और हवाई खतरों से निपटने के लिए तैयारियों को पुख्ता करना है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि कितने विमान भेजे गए हैं और इसका ईरान में चल रहे युद्ध से कोई संबंध है या नहीं।
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यह तैनाती सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच सुरक्षा सहयोग को मजबूत करेगी, जो क्षेत्रीय स्थिरता में योगदान कर सकती है।
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