बिहार में प्राइवेट स्कूल खोलने के नियमों में बदलाव, शिक्षा क्षेत्र को मिलेगा नया impulso
बिहार में प्राइवेट स्कूल खोलने की नियमों में ढील दी जाएगी, पुराना कानून भी जान लीजिए
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
बिहार सरकार ने प्राइवेट स्कूल खोलने के नियमों में ढील देने का फैसला किया है। 'इज ऑफ डूइंग बिजनेस' के तहत नियमों को सरल बनाया जाएगा, जिससे निवेशकों को शिक्षा क्षेत्र में अधिक अवसर मिलेंगे। संशोधित नियमों का ड्राफ्ट जल्द ही कैबिनेट में पेश किया जाएगा।
- 01बिहार में प्राइवेट स्कूल खोलने के नियमों में ढील दी जाएगी।
- 02निवेश को बढ़ावा देने के लिए 'इज ऑफ डूइंग बिजनेस' के तहत नियमों को सरल बनाया जाएगा।
- 03स्कूल खोलने के लिए भूमि और संसाधनों से जुड़ी शर्तों में संशोधन होगा।
- 04नए नियमों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विकल्प बढ़ेंगे।
- 05संशोधित नियमों का ड्राफ्ट जल्द ही कैबिनेट में पेश किया जाएगा।
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बिहार सरकार ने राज्य में प्राइवेट स्कूल खोलने के नियमों में ढील देने का निर्णय लिया है। यह कदम 'इज ऑफ डूइंग बिजनेस' के तहत निवेश और निजी भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए उठाया गया है। शिक्षा विभाग ने माध्यमिक शिक्षा के विशेष निदेशक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है ताकि प्राइवेट सेक्टर को शिक्षा में निवेश करने के लिए प्रेरित किया जा सके। वर्तमान में, बिहार में स्कूल खोलने के लिए कड़ी शर्तें हैं, जैसे कि सीबीएसई स्कूल के लिए कम से कम एक एकड़ जमीन की आवश्यकता है। नई नियमावली में संशोधन होने से कम भूमि पर भी गुणवत्तापूर्ण स्कूल खोलने की संभावना बढ़ेगी, जिससे शिक्षा का विस्तार और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे। जल्द ही संशोधित नियमों का ड्राफ्ट कैबिनेट के समक्ष पेश किया जाएगा।
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इस निर्णय से प्राइवेट स्कूल खोलने की प्रक्रिया आसान होगी, जिससे अधिक निवेशक शिक्षा क्षेत्र में आएंगे और छात्रों को बेहतर शिक्षा के विकल्प मिलेंगे।
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