अमेरिकी सेना का साहसी मिशन: ईरान में फंसे पायलट का सफल रेस्क्यू
Mission Impossible: दुश्मन ईरान की जमीन से पायलट को अमेरिका ने कैसे किया रेस्क्यू, ट्रंप ने कहा-सबसे साहसी मिशन
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अमेरिकी सेना ने ईरान के दुर्गम पहाड़ों से एक घायल पायलट को सुरक्षित निकालने में सफलता पाई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे अमेरिकी इतिहास का एक साहसी मिशन बताया। यह ऑपरेशन दो दिन तक चला, जिसमें सैकड़ों सैनिक और अत्याधुनिक विमानों का इस्तेमाल किया गया।
- 01अमेरिकी फाइटर जेट F-15E को ईरान में गिराया गया था।
- 02पायलट ने दो दिन तक दुश्मन के इलाके में सर्वाइव किया।
- 03सैकड़ों कमांडो और विशेष विमानों का इस्तेमाल किया गया।
- 04अमेरिकी सेना ने अपने ही विमानों को नष्ट किया ताकि वे दुश्मन के हाथ न लगें।
- 05ट्रंप ने इसे अमेरिकी एयरफोर्स की क्षमता का उदाहरण बताया।
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अमेरिकी सेना ने एक साहसी मिशन के तहत ईरान के दुर्गम पहाड़ों में फंसे एक पायलट को बचाने में सफलता प्राप्त की है। यह ऑपरेशन तब शुरू हुआ जब अमेरिका का F-15E फाइटर जेट ईरान में गिर गया। पायलट ने दो दिन तक भूख और प्यास के बावजूद जीवित रहने की कोशिश की और अपने अधिकारियों को सिग्नल भेजा। इस मिशन में सैकड़ों स्पेशल ऑपरेशंस सैनिकों, दर्जनों लड़ाकू विमानों और हेलिकॉप्टरों का सहयोग लिया गया। अमेरिकी सेना ने पायलट को बचाने के लिए आसमान से सुरक्षा घेरा बनाया और दुश्मन के काफिलों पर बमबारी की। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मिशन को अमेरिकी इतिहास का एक साहसी उदाहरण बताया और कहा कि अमेरिका अपने योद्धाओं को कभी अकेला नहीं छोड़ता।
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