बिहार में पंचायत सचिवों के स्थानांतरण में फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया
बिहार में पंचायत सचिवों के अंतरजिला स्थानांतरण आवेदनों में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर
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बिहार में पंचायत सचिवों के अंतरजिला स्थानांतरण के लिए किए गए आवेदनों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। कई सचिवों ने फर्जी मेडिकल प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल किया है, जबकि कुछ ने पति-पत्नी के आधार पर आवेदन किए हैं। पंचायत सेवक संघ ने जांच की मांग की है।
- 01बिहार में पंचायत सचिवों के अंतरजिला स्थानांतरण के लिए फर्जी आवेदनों का मामला सामने आया है।
- 02फर्जी मेडिकल प्रमाणपत्रों का उपयोग कर कई सचिवों ने आवेदन किए हैं।
- 03पति-पत्नी के आधार पर भी फर्जी आवेदन किए गए हैं।
- 04पंचायत सेवक संघ ने विभागीय नियमों के उल्लंघन की शिकायत की है।
- 05जांच के बाद ही स्थानांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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बिहार में पंचायत सचिवों के अंतरजिला स्थानांतरण के लिए पोर्टल पर किए गए आवेदनों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कई सचिवों ने फर्जी मेडिकल प्रमाणपत्र बनवाकर आवेदन किया है। इसके साथ ही, पति-पत्नी के आधार पर भी आवेदन करने के मामले सामने आए हैं। बिहार राज्य पंचायत सेवक संघ के महासचिव मोहन मुरारी ने इस गड़बड़ी की जानकारी पंचायती राज विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी को दी है और सभी जिलों में प्राप्त आवेदनों की जांच की मांग की है। विशेष कार्य पदाधिकारी मो. वसीम अहमद ने सभी जिलाधिकारियों को इस मामले की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए हैं। मुजफ्फरपुर में करीब 14 पंचायत सचिवों ने इस तरह के आवेदन किए हैं, जिन्हें अब जांच के बाद ही आगे बढ़ाया जाएगा।
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इस फर्जीवाड़े के कारण सही आवेदकों को न्याय से वंचित किया जा सकता है।
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