पटना में एलपीजी संकट के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई
पटना में एलपीजी संकट पर प्रशासन सख्त, 28 धावादलों ने 57 ठिकानों पर दी दबिश; 23 लोगों पर FIR
Jagran
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पटना, बिहार में एलपीजी संकट को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। 28 धावादलों ने 57 स्थानों पर छापेमारी की, जिसमें 11 सिलिंडर जब्त किए गए और 23 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई। प्रशासन ने उपभोक्ताओं को सही जानकारी देने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं।
- 0128 धावादलों ने 57 स्थानों पर छापेमारी की और 11 सिलिंडर जब्त किए।
- 0223 लोगों पर एस्मा एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
- 03एलपीजी आपूर्ति में असंतुलन को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने निगरानी बढ़ाई।
- 04गैस बुकिंग सिस्टम में बदलाव किया गया है, जिससे उपभोक्ताओं को समय पर सिलिंडर मिल सके।
- 05आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन सेवा उपलब्ध है।
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पटना, बिहार में एलपीजी संकट को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिला प्रशासन के अनुसार, 28 धावादलों ने 57 स्थानों पर छापेमारी की, जिसमें 11 सिलिंडर जब्त किए गए और 23 लोगों पर एस्मा एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ कार्रवाई जारी है। इसके अलावा, एलपीजी आपूर्ति में असंतुलन को नियंत्रित करने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है। अप्रैल में, गैस कंपनियों ने बुकिंग सिस्टम में बदलाव किया है, जिससे शहरी उपभोक्ताओं की बुकिंग पहले सिलिंडर की डिलीवरी के 25 दिन बाद और ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए 45 दिन बाद स्वीकार की जाती है। इससे उपभोक्ताओं को समय पर सिलिंडर मिल सकेगा। प्रशासन ने पीएनजी कनेक्शन की सुविधा को भी बढ़ाने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन सेवा उपलब्ध है।
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इस कार्रवाई से उपभोक्ताओं को समय पर एलपीजी सिलिंडर मिलने की संभावना बढ़ गई है, जिससे घरेलू गैस संकट में कमी आएगी।
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