ग्वालियर की पहाड़ियों पर अवैध कब्जे और खनन के खिलाफ हाईकोर्ट की सख्त चेतावनी
MP News: ग्वालियर की पहाड़ियों पर हाईकोर्ट सख्त, अवैध कब्जे और खनन पर जताई चिंता
Amar Ujala
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मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हाईकोर्ट ने अवैध कब्जों और मुरम खनन पर गंभीर चिंता जताई है। न्यायालय ने चेतावनी दी है कि यदि तत्काल कदम नहीं उठाए गए, तो ग्वालियर की पहाड़ियां गंभीर पर्यावरणीय नुकसान का सामना करेंगी। कोर्ट ने एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित करने का निर्देश दिया है।
- 01ग्वालियर की पहाड़ियों पर अवैध कब्जों और खनन पर हाईकोर्ट का कड़ा रुख
- 02कोर्ट ने भविष्य के पर्यावरणीय नुकसान की चेतावनी दी
- 03सिटी फॉरेस्ट बनाने का सुझाव, जिसमें योग और पिकनिक की सुविधा होगी
- 04उच्च स्तरीय कमेटी का गठन, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल होंगे
- 05माफिया के खिलाफ ठोस कदम उठाने की आवश्यकता
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने ग्वालियर की पहाड़ियों पर बढ़ते अवैध कब्जों और मुरम खनन को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। न्यायाधीशों जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस पुष्पेंद्र यादव ने इसे आने वाली पीढ़ियों के अस्तित्व से जुड़ा गंभीर मामला बताया। कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ग्वालियर की पहाड़ियां पूरी तरह खत्म हो सकती हैं, जिससे शहर को गंभीर पर्यावरणीय नुकसान होगा। लैंड माफिया की गतिविधियों पर प्रशासन की लापरवाही को लेकर भी अदालत ने चिंता व्यक्त की। कोर्ट ने इन पहाड़ियों को सिटी फॉरेस्ट के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया, जिससे शहर का पर्यावरण बेहतर होगा और गर्मी से राहत मिलेगी। इसके अलावा, ग्वालियर कलेक्टर की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें नगर निगम, पुलिस और वन विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। इस कमेटी को पहाड़ियों को माफिया से मुक्त कराने और औषधीय तथा फलदार पौधे लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
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ग्वालियर की पहाड़ियों की रक्षा से स्थानीय पर्यावरण में सुधार होगा और नागरिकों को गर्मी से राहत मिलेगी।
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