हरियाणा में पहली कक्षा में दाखिले के लिए न्यूनतम उम्र बढ़ाई गई
आपका बच्चा भी रह जाएगा एक साल पीछे? हरियाणा सरकार ने बदले पहली क्लास में एंट्री के नियम
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हरियाणा सरकार ने नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पहली कक्षा में दाखिले के लिए न्यूनतम उम्र 6 साल तय की है। यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है। 30 सितंबर तक 6 साल पूरे करने वाले बच्चे भी दाखिले के लिए पात्र होंगे।
- 01पहली कक्षा में दाखिले के लिए न्यूनतम उम्र 6 साल निर्धारित की गई है।
- 0230 सितंबर तक 6 साल पूरे करने वाले बच्चे भी दाखिले के लिए पात्र होंगे।
- 03यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत लिया गया है।
- 04छोटे बच्चों को प्री-प्राइमरी या KG कक्षाओं में एक साल और पढ़ना होगा।
- 05इससे बच्चों की सीखने की क्षमता में सुधार की उम्मीद है।
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हरियाणा सरकार ने नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पहली कक्षा में दाखिले के लिए न्यूनतम उम्र 6 साल निर्धारित करने का निर्णय लिया है। यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत और व्यवस्थित बनाने के लिए उठाया गया है। अब केवल वही बच्चे पहली कक्षा में दाखिला ले सकेंगे, जो 6 साल की आयु पूरी कर चुके हैं। हालांकि, परिवारों को राहत देते हुए, जिन बच्चों की उम्र 30 सितंबर तक 6 साल पूरी हो जाएगी, वे भी दाखिले के लिए पात्र होंगे। पहले बच्चों को 5 साल की उम्र में भी दाखिला मिल जाता था, लेकिन अब यह सीमा बढ़ाकर 6 साल कर दी गई है। यह बदलाव हरियाणा विद्यालय शिक्षा नियम-2003 में संशोधन के माध्यम से लागू किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे बच्चों की सीखने की क्षमता में सुधार होगा और सभी बच्चों के लिए एक समान शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकेगी।
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इस बदलाव से 6 साल से कम उम्र के बच्चों को पहली कक्षा में दाखिला नहीं मिल सकेगा, जिससे उन्हें प्री-प्राइमरी या KG कक्षाओं में एक साल और पढ़ाई करनी होगी।
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