बोधगया में इजरायल-ईरान तनाव से पर्यटन उद्योग पर भारी असर
इजरायल-ईरान तनाव ने तोड़ी बोधगया में पर्यटन की कमर, विदेशी पर्यटकों ने मोड़ा मुंह, कारोड़ों का कारोबार हुआ ठप
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इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव का बोधगया, बिहार में पर्यटन उद्योग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। विदेशी पर्यटकों की कमी से स्थानीय व्यापारियों को करोड़ों का नुकसान हो रहा है, जिससे होटल और स्थानीय हस्तशिल्प बाजार प्रभावित हुए हैं।
- 01बोधगया में विदेशी पर्यटकों की संख्या में भारी कमी आई है।
- 02महाबोधि मंदिर और अन्य बौद्ध स्थलों पर स्थानीय टूरिस्ट ही नजर आ रहे हैं।
- 03अप्रैल में 40 बड़े ग्रुप्स ने अपनी यात्रा रद्द की है।
- 04प्रत्येक विदेशी पर्यटक औसतन 3 से 4 हजार डॉलर खर्च करता है।
- 05होटल और गाइड्स के सामने बेरोजगारी का संकट गहराया है।
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इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव ने बोधगया, बिहार में पर्यटन उद्योग को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। विदेशी पर्यटकों की संख्या में भारी कमी आई है, जिससे स्थानीय व्यापारियों को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। बोधगया का आर्थिक ढांचा चरमरा गया है, खासकर महाबोधि मंदिर, जो एक विश्व धरोहर स्थल है। यहां अब केवल स्थानीय पर्यटक ही दिखाई दे रहे हैं। अप्रैल के बीच, यूरोप, अमेरिका, रूस और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से आने वाले लगभग 40 बड़े ग्रुप्स ने अपनी यात्रा रद्द कर दी है। अनुमान है कि प्रत्येक विदेशी पर्यटक औसतन 3 से 4 हजार डॉलर खर्च करता है, जो अब शून्य हो गया है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि हालात जल्दी सामान्य नहीं हुए, तो बोधगया की अर्थव्यवस्था को उबरने में लंबा समय लग सकता है।
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बोधगया में पर्यटन उद्योग के ठप होने से स्थानीय व्यापारियों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
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