बिना पते के भी मिलेगा LPG सिलिंडर, पहचान पत्र से खरीद सकेंगे 5 किलो गैस
आम लोगों को बड़ी राहत: अब बिना पते के भी मिलेगा LPG सिलिंडर, पहचान पत्र से खरीद सकेंगे 5 किलो गैस
Jagran-1775410500566.webp)
Image: Jagran
केंद्र सरकार ने प्रवासी श्रमिकों, छात्रों और दिहाड़ीदारों को राहत देते हुए बिना पते के भी 5 किलो का फ्री ट्रेड एलपीजी सिलिंडर खरीदने की अनुमति दी है। पहचान पत्र दिखाकर उपभोक्ता अब किसी भी गैस एजेंसी से सिलिंडर प्राप्त कर सकेंगे, जिससे खाना पकाने में सुविधा होगी।
- 01बिना पते के भी 5 किलो का LPG सिलिंडर खरीदने की अनुमति
- 02पहचान पत्र दिखाकर सिलिंडर प्राप्त कर सकेंगे श्रमिक और छात्र
- 03ऑनलाइन LPG बुकिंग में 95% की वृद्धि
- 04कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई में 50,000 से अधिक सिलिंडर जब्त
- 055 किलो LPG सिलिंडरों की बिक्री में तेजी
Advertisement
In-Article Ad
केंद्र सरकार ने रविवार को प्रवासी श्रमिकों, छात्रों और दिहाड़ीदारों को बड़ी राहत देते हुए बिना स्थायी पते के भी फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) सिलिंडर खरीदने की अनुमति दी है। अब उपभोक्ता केवल पहचान पत्र दिखाकर किसी भी गैस एजेंसी से 5 किलो का सिलिंडर प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उन्हें खाना पकाने में आसानी होगी। इस निर्णय से पहले, बिना पते के एलपीजी प्राप्त करना इन वर्गों के लिए मुश्किल था। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि ऑनलाइन बुकिंग में 95% की वृद्धि हुई है और 51 लाख से अधिक घरेलू सिलिंडर चार अप्रैल को वितरित किए गए हैं। कालाबाजारी को रोकने के लिए डिलीवरी आथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित वितरण भी 90% तक बढ़ गया है। आल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अब जरूरतमंद लोग केवल एक मान्य पहचान पत्र दिखाकर इन सिलिंडरों को अधिकृत वितरकों से प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही, अधिकारियों ने कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है, जिसमें अब तक 50,000 से अधिक सिलिंडर जब्त किए गए हैं।
Advertisement
In-Article Ad
इस निर्णय से प्रवासी श्रमिकों, छात्रों और दिहाड़ीदारों को खाना पकाने में सुविधा मिलेगी, जिससे उनकी जीवनशैली में सुधार होगा।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि बिना पते के LPG सिलिंडर खरीदने की अनुमति सही निर्णय है?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।


