कुंदन लाल सहगल: भारतीय सिनेमा के पहले सुपरस्टार की कहानी
भारतीय सिनेमा का पहला 'सुपरस्टार', जिन्होंने रेलवे में टाइमकीपर तो होटल में किया काम,'देवदास' को कर दिया अमर
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कुंदन लाल सहगल, भारतीय सिनेमा के पहले सुपरस्टार, का जन्म 11 अप्रैल 1904 को जम्मू में हुआ। उन्होंने 'देवदास' फिल्म से अपनी पहचान बनाई और अपनी अनोखी आवाज से भारतीय संगीत को समृद्ध किया। उनकी मेहनत और संघर्ष ने उन्हें अमर बना दिया, लेकिन शराब की लत ने उनकी जिंदगी को प्रभावित किया और 42 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया।
- 01कुंदन लाल सहगल को भारतीय सिनेमा का पहला सुपरस्टार माना जाता है।
- 02उन्होंने 1935 में 'देवदास' फिल्म से अपनी पहचान बनाई।
- 03सहगल की आवाज में एक विशेष 'नोजल टोन' थी, जो भावनाओं को गहराई देती थी।
- 04शराब की लत ने उनकी जिंदगी को प्रभावित किया और 42 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया।
- 05सहगल को लता मंगेशकर और किशोर कुमार जैसे कलाकारों ने गुरु मानते थे।
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कुंदन लाल सहगल (1904-1947) भारतीय सिनेमा के पहले सुपरस्टार माने जाते हैं, जिन्होंने अपनी अनोखी आवाज और अभिनय से भारतीय फिल्म उद्योग को समृद्ध किया। उनका सफर छोटे-मोटे कामों से शुरू हुआ, जिसमें रेलवे में टाइमकीपर और होटल में काम करना शामिल था। सहगल ने 1935 में 'देवदास' फिल्म में मुख्य भूमिका निभाई, जिसने उन्हें एक स्टार बना दिया। उनकी गायकी ने 'बालम आए बसो मोरे मन में' और 'दुख के अब दिन बीतत नाहीं' जैसे गानों के माध्यम से लोगों के दिलों में जगह बनाई। हालांकि, सहगल की जिंदगी शराब की लत से प्रभावित रही, जिसने उनकी सेहत को बुरी तरह प्रभावित किया। 18 जनवरी 1947 को जालंधर में उनका निधन हो गया। आज भी उनके योगदान को याद किया जाता है, और जालंधर में केएल सहगल मेमोरियल हॉल उनकी यादों को संजोए हुए है।
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