ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच संभावित सीजफायर पर चर्चा
ईरान, इजरायल, अमेरिका की जंग कब होगी खत्म? सवाल-जवाब में समझिए सीजफायर का पूरा खाका
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अमेरिका और ईरान के बीच संभावित 45 दिनों के सीजफायर पर बातचीत चल रही है। पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की मध्यस्थता कर रहे हैं, जबकि ईरान सुरक्षा गारंटी की मांग कर रहा है। अगर सीजफायर होता है, तो युद्धविराम के बाद बातचीत शुरू हो सकती है।
- 01अमेरिका और ईरान के बीच 45 दिनों का सीजफायर प्रस्तावित है।
- 02पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की मध्यस्थता की भूमिका निभा रहे हैं।
- 03ईरान सुरक्षा गारंटी की मांग कर रहा है कि अमेरिका और इजरायल फिर से हमला नहीं करेंगे।
- 04सीजफायर के बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत की संभावना है।
- 05चीन और रूस ईरान के समर्थन में खड़े हैं।
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अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक संभावित 45 दिनों का सीजफायर प्रस्तावित किया गया है। इस प्रस्ताव पर बातचीत में पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की मध्यस्थता कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान समझौते के लिए तैयार नहीं होता, तो वह गंभीर परिणाम भुगतेगा। ईरान की सबसे बड़ी मांग है कि अमेरिका और इजरायल से सुरक्षा गारंटी मिले कि वे फिर से हमला नहीं करेंगे। यदि सीजफायर लागू होता है, तो दोनों पक्ष गोलाबारी नहीं करेंगे और ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोल देगा। इसके बाद, 15-20 दिनों में आपसी विश्वास बढ़ने पर दोनों पक्ष आमने-सामने बैठकर बातचीत कर सकते हैं। हालांकि, ईरान को अमेरिका पर भरोसा नहीं है, क्योंकि पहले भी अमेरिका ने बातचीत के दौरान हमला किया है। चीन और रूस ईरान के समर्थन में हैं, जबकि यूरोप के कई देश युद्ध को रोकने की कोशिश कर रहे हैं।
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यदि सीजफायर सफल होता है, तो यह क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देगा और तेल आपूर्ति में सुधार कर सकता है।
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