कानपुर कलेक्ट्रेट के तीन क्लर्क का डिमोशन, अब बनेंगे चपरासी
Typing Test में फेल हुए तो कानपुर कलेक्ट्रेट के तीन क्लर्क का हुआ डिमोशन, अब बनेंगे चपरासी
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कानपुर, उत्तर प्रदेश में कलेक्ट्रेट के तीन कनिष्ठ लिपिकों को टाइपिंग परीक्षा में असफल रहने के कारण चपरासी के पद पर पदावनत किया गया है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह के निर्देश पर की गई है, जिससे उनकी वेतन में कमी आएगी और प्रोन्नति की संभावनाएं भी प्रभावित होंगी।
- 01तीन कनिष्ठ लिपिकों को टाइपिंग परीक्षा में असफल रहने पर चपरासी बनाया गया।
- 02यह कार्रवाई प्रशासनिक नियमों के तहत की गई है।
- 03कनिष्ठ लिपिक पद पर भर्ती मृतक आश्रित कोटे से हुई थी।
- 04उन्हें टाइपिंग परीक्षा पास करने के लिए दो अवसर दिए गए थे।
- 05पदावनत होने से वेतन में लगभग ₹6,000 की कमी आएगी।
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कानपुर, उत्तर प्रदेश में कलेक्ट्रेट के तीन कनिष्ठ लिपिकों, प्रेमनाथ यादव, अमित यादव और नेहा श्रीवास्तव, को टाइपिंग परीक्षा में लगातार असफल रहने के कारण चपरासी के पद पर पदावनत कर दिया गया है। जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई के अनुसार, तीनों की नियुक्ति मृतक आश्रित कोटे से दो वर्ष पहले हुई थी। उन्हें एक साल के भीतर टाइपिंग परीक्षा पास करने के लिए दो अवसर दिए गए थे, लेकिन वे न्यूनतम निर्धारित गति हासिल नहीं कर सके। विभागीय समीक्षा में पाया गया कि वे लिपिकीय कार्यों के लिए आवश्यक योग्यता पूरी नहीं कर पा रहे हैं। इस निर्णय के परिणामस्वरूप, इनका वेतन लगभग ₹6,000 प्रति माह कम हो जाएगा और उन्हें प्रोन्नति का अवसर भी काफी समय बाद मिलेगा।
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इस निर्णय से प्रभावित कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ेगा और उन्हें भविष्य में प्रोन्नति के अवसरों में देरी का सामना करना पड़ेगा।
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