पंचकूला में खैर की तस्करी: तीन अधिकारियों पर प्राथमिकी की सिफारिश
पंचकूला में खैर की तस्करी: वरिष्ठ IFS समेत तीन अधिकारियों की मिलीभगत से कटे 1148 पेड़, प्राथमिकी की सिफारिश
Amar Ujala
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पंचकूला, हरियाणा में संरक्षित वन क्षेत्र में 1148 खैर के पेड़ों की कटाई और तस्करी के मामले में तीन अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई है। राज्य सरकार ने इन अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की सिफारिश की है, जिसमें भ्रष्टाचार और वन्य जीव संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन शामिल है।
- 01पंचकूला के संरक्षित वन क्षेत्र में 1148 खैर के पेड़ काटे गए।
- 02आईएफएस अधिकारी बी निवेदिता और दो अन्य अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप।
- 03प्राथमिकी दर्ज करने की सिफारिश की गई है।
- 04कटे पेड़ों के सबूत मिटाने की कोशिश की गई।
- 05जांच के लिए छह सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया।
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पंचकूला, हरियाणा के संरक्षित वन क्षेत्र में 1148 खैर के पेड़ों की अवैध कटाई और तस्करी के मामले में राज्य सरकार ने गंभीर कदम उठाया है। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन बी निवेदिता, रेंज अधिकारी सुरजीत सिंह और जिला वन्य जीव अधिकारी आरपी दांगी की मिलीभगत से यह घटना हुई। इन तीनों अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें भ्रष्टाचार अधिनियम और वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि कटे पेड़ों के ठूंठ को जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई। जांच के लिए एक छह सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो पहले से दर्ज एफआईआर में इन तीनों का नाम जोड़ा जा सकता है।
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यह मामला स्थानीय वन्य जीव संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
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