उत्तर प्रदेश में बिना सहमति स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने पर हंगामा
यूपी में बिना सहमति स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने पर हंगामा, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से की गई जांच कराने की मांग
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उत्तर प्रदेश में उपभोक्ताओं की सहमति के बिना स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के खिलाफ केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर से जांच की मांग की गई है। ऊर्जा परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने इसे केंद्रीय विद्युत अधिनियम-2003 का उल्लंघन बताया है।
- 01उपभोक्ताओं की सहमति के बिना प्रीपेड मीटर लगाने का मामला
- 02केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से उच्च स्तरीय जांच की मांग
- 03अवधेश वर्मा ने इसे विद्युत अधिनियम का उल्लंघन बताया
- 04लगभग 70 लाख उपभोक्ताओं के मीटर बिना सहमति के बदले गए
- 05प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
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उत्तर प्रदेश में उपभोक्ताओं की सहमति के बिना स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने इसे केंद्रीय विद्युत अधिनियम-2003 का उल्लंघन मानते हुए कहा कि राज्य में लगभग 3.8 करोड़ उपभोक्ताओं के मीटर बदले जा रहे हैं, जिनमें से 70 लाख उपभोक्ताओं के मीटर बिना उनकी सहमति के प्रीपेड मोड में बदल दिए गए हैं। वर्मा ने चेतावनी दी है कि यदि उपभोक्ताओं के अधिकारों की अनदेखी होती रही तो प्रदेशव्यापी आंदोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखकर प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता समाप्त करने और मीटर को पोस्टपेड में बदलने की मांग की है।
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यदि उपभोक्ताओं के अधिकारों की अनदेखी होती है, तो इससे व्यापक स्तर पर आंदोलन हो सकता है, जिससे बिजली आपूर्ति और उपभोक्ता संबंध प्रभावित हो सकते हैं।
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