सुप्रीम कोर्ट ने वैवाहिक विवाद को 'महाभारत' करार देते हुए 10 साल पुरानी शादी रद्द की
वैवाहिक विवाद 'महाभारत के युद्ध' जैसा, सुप्रीम कोर्ट ने 10 साल पुरानी शादी रद की
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भारत के सुप्रीम कोर्ट ने एक 10 साल पुरानी शादी को अमान्य घोषित किया, जिसे उसने 'महाभारत के युद्ध' जैसा बताया। कोर्ट ने पति को पत्नी और बच्चों के लिए ₹5 करोड़ का मुआवजा देने का आदेश दिया और सभी लंबित मुकदमे खारिज कर दिए।
- 01सुप्रीम कोर्ट ने 10 साल पुरानी शादी को अमान्य किया।
- 02कोर्ट ने इसे 'महाभारत के युद्ध' की संज्ञा दी।
- 03पति को पत्नी और बच्चों के लिए ₹5 करोड़ का मुआवजा देना होगा।
- 04सभी लंबित 80 मुकदमे खारिज कर दिए गए।
- 05कोर्ट ने कहा कि कानून का इस्तेमाल प्रतिशोध के लिए नहीं होना चाहिए।
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भारत के सुप्रीम कोर्ट ने एक वैवाहिक विवाद पर सुनवाई करते हुए एक 10 साल पुरानी शादी को अमान्य घोषित कर दिया। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने इस मामले को 'महाभारत के युद्ध' की उपमा दी, यह दर्शाते हुए कि यह विवाद अपनी सभी सीमाओं को पार कर चुका है। कोर्ट ने पति की कानूनी विशेषज्ञता का दुरुपयोग करते हुए पत्नी और उसके परिवार के खिलाफ प्रतिशोधी कार्रवाई करने की कड़ी आलोचना की। कोर्ट ने पति को ₹5 करोड़ का मुआवजा देने का आदेश दिया, जो पत्नी और बच्चों के भविष्य के लिए होगा। इसके साथ ही, सभी लंबित 80 मुकदमे, जिनमें दीवानी और आपराधिक मामले शामिल थे, खारिज कर दिए गए। कोर्ट ने यह निर्णय लिया कि यह विवाह 'व्यावहारिक रूप से मर चुका था' और इसे खींचना केवल पीड़ा को बढ़ाएगा। इस फैसले ने समाज को यह संदेश दिया कि कानून का उद्देश्य न्याय है, न कि प्रताड़ना।
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इस फैसले से वैवाहिक विवादों में कानूनी प्रक्रियाओं के दुरुपयोग को रोकने का संदेश मिलता है।
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