RBI की मौद्रिक नीति समिति ने रेपो रेट को स्थिर रखा, लेकिन चुनौतियाँ बढ़ रही हैं
RBI MPC 2026: दरें तो नहीं बदलीं, लेकिन क्या अब असली चुनौती शुरू हो गई है?
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मौद्रिक नीति समिति की बैठक में रेपो रेट को 5.25% पर बनाए रखा है। हालांकि, वैश्विक तनाव, महंगा कच्चा तेल, और संभावित कमजोर मानसून जैसी चुनौतियाँ भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ को प्रभावित कर सकती हैं।
- 01RBI ने रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा है।
- 02भारत की जीडीपी ग्रोथ पिछले वित्त वर्ष में 7.6% और चालू वर्ष में 6.9% रहने का अनुमान है।
- 03महंगा कच्चा तेल और वैश्विक तनाव आगे ग्रोथ को धीमा कर सकते हैं।
- 04रियल एस्टेट सेक्टर को ब्याज दरों के स्थिर रहने से लाभ हो सकता है।
- 05महंगाई इस वर्ष 4.6% रहने का अनुमान है, लेकिन जोखिम बना हुआ है।
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मौद्रिक नीति समिति की बैठक में रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा है, जिससे EMI में कोई बदलाव नहीं होगा। RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि भारत की जीडीपी ग्रोथ पिछले वित्त वर्ष में 7.6% रही, लेकिन चालू वर्ष में यह घटकर 6.9% रहने का अनुमान है। महंगा कच्चा तेल और वैश्विक तनाव जैसे कारक आगे ग्रोथ को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, देश के अंदर मांग बनी हुई है, और रियल एस्टेट सेक्टर को ब्याज दरों के स्थिर रहने से फायदा हो सकता है। महंगाई का अनुमान 4.6% है, लेकिन अनिश्चितता बनी हुई है। यदि बाहरी झटके बढ़ते हैं, तो चुनौतियाँ भी बढ़ सकती हैं।
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ब्याज दरों के स्थिर रहने से होम लोन की लागत कम रहेगी, जिससे घर खरीदना आसान होगा।
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