चाकुलिया एयरपोर्ट की संभावनाएं बढ़ीं, धालभूमगढ़ में देरी
धालभूमगढ़ में देरी तो चाकुलिया बनी नई उम्मीद; एयरपोर्ट अथॉरिटी की टीम ने तलाशी हवाई संचालन की संभावनाएं
Jagran
Image: Jagran
पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया और धालभूमगढ़ में हवाई सेवा शुरू करने की संभावनाएं एक बार फिर उभरी हैं। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की टीम ने चाकुलिया में एयरपोर्ट के विकास की संभावनाओं का निरीक्षण किया, जबकि धालभूमगढ़ में बाधाएं बनी हुई हैं।
- 01भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने चाकुलिया और धालभूमगढ़ का निरीक्षण किया।
- 02धालभूमगढ़ एयरपोर्ट का निर्माण 7 साल पहले शुरू हुआ था, लेकिन बाधाएं हैं।
- 03चाकुलिया का एरोड्रम 514 एकड़ में फैला है और बेहतर विकल्प के रूप में उभरा है।
- 04केंद्र सरकार 2036 तक 100 नए एयरपोर्ट विकसित करने की योजना पर काम कर रही है।
- 05कोल्हान क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी में सुधार की संभावनाएं हैं।
Advertisement
In-Article Ad
पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया और धालभूमगढ़ में हवाई सेवा की संभावनाएं फिर से जगी हैं। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) की एक पांच सदस्यीय टीम ने इन दोनों एरोड्रम का निरीक्षण किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य चाकुलिया और धालभूमगढ़ को पूर्ण विकसित एयरपोर्ट के रूप में संचालित करने की संभावनाओं का अध्ययन करना था। धालभूमगढ़ एयरपोर्ट का शिलान्यास 7 साल पहले हुआ था, लेकिन वहां एलिफेंट कॉरिडोर और अन्य बाधाओं के कारण निर्माण कार्य रुका हुआ है। इसके विपरीत, चाकुलिया का एरोड्रम 514 एकड़ में फैला है और इसे एक बेहतर विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। केंद्र सरकार वर्ष 2036 तक देशभर में 100 नए एयरपोर्ट विकसित करने की योजना पर काम कर रही है, जिससे कोल्हान क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी में सुधार हो सकता है।
Advertisement
In-Article Ad
यदि चाकुलिया एयरपोर्ट का विकास सफल होता है, तो यह स्थानीय निवासियों और व्यापारियों के लिए हवाई यात्रा की सुविधा प्रदान करेगा।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि चाकुलिया एयरपोर्ट का विकास आवश्यक है?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




