उज्जैन में ग्लोबल साइंस सिटी का उद्घाटन, 15 करोड़ का विज्ञान केंद्र स्थापित
उज्जैन बनेगा ग्लोबल साइंस सिटी, 15 करोड़ के विज्ञान केंद्र का उद्घाटन; सिंहस्थ 2028 तक वैश्विक पटल पर होगी नई पहचान
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Image: jagran
उज्जैन, मध्य प्रदेश में 3 अप्रैल को 'महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम' अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 15 करोड़ रुपये के विज्ञान केंद्र का उद्घाटन हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन को काल गणना का केंद्र बनाने का संकल्प लिया, जिससे 2028 के सिंहस्थ महापर्व में वैश्विक पहचान स्थापित होगी।
- 01उज्जैन में 15 करोड़ रुपये का विज्ञान केंद्र स्थापित किया गया।
- 02मुख्यमंत्री ने उज्जैन को काल गणना का केंद्र बनाने का संकल्प लिया।
- 03सिंहस्थ 2028 में 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।
- 04सम्मेलन में वैदिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के समन्वय पर जोर दिया गया।
- 05उज्जैन को वैश्विक स्तर पर विज्ञान की नगरी के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य।
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3 अप्रैल को उज्जैन, मध्य प्रदेश में आयोजित 'महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम' अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 15 करोड़ रुपये की लागत से विज्ञान केंद्र का उद्घाटन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन को काल गणना का केंद्र बनाना है, जिससे 2028 के सिंहस्थ महापर्व में लगभग 40 करोड़ श्रद्धालुओं की उपस्थिति से वैश्विक पहचान मिलेगी। सम्मेलन में खगोल शास्त्र, विज्ञान और वेदों पर विचार-विमर्श हुआ, जिसमें वैदिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया गया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए विज्ञान मंथन 2026-27 की वेबसाइट का शुभारंभ किया। सम्मेलन का उद्देश्य उज्जैन को वैश्विक काल गणना का केंद्र बनाना है, जो भारतीय ज्ञान परंपरा को पुनर्जीवित करने का प्रयास है।
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उज्जैन में विज्ञान केंद्र की स्थापना से स्थानीय छात्रों और शोधकर्ताओं को वैज्ञानिक शिक्षा और अनुसंधान में बेहतर अवसर मिलेंगे।
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