मुजफ्फरपुर में बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल, बिचौलियों के जरिए मिलते हैं नए कनेक्शन
बिना जांच के आवेदन रिजेक्ट, दलालों के जरिए मिलता है नया कनेक्शन; मुजफ्फरपुर में खुली बिजली विभाग की पोल
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मुजफ्फरपुर जिले के रसूलपुर गांव के ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि नए कनेक्शन के लिए आवेदन बिना जांच के रिजेक्ट कर दिए जाते हैं, जबकि बिचौलियों के माध्यम से आए आवेदनों को तुरंत स्वीकृति मिलती है।
- 01ग्रामीणों ने नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन में पारदर्शिता की कमी की शिकायत की।
- 02बिचौलियों के माध्यम से कनेक्शन मिलने की प्रक्रिया में अनियमितता है।
- 03जर्जर बिजली पोल और लटकते तारों से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
- 04बिजली विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को अनसुना किया।
- 05स्थल जांच के बिना आवेदन रिजेक्ट करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए।
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मुजफ्फरपुर जिले के रसूलपुर गांव में बिजली विभाग की कार्यशैली को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि नए बिजली कनेक्शन के लिए किए गए आवेदन बिना किसी स्थल जांच के ही रिजेक्ट कर दिए जाते हैं। वहीं, बिचौलियों के माध्यम से आने वाले आवेदनों पर तुरंत कार्रवाई की जाती है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। कई ग्रामीणों ने बताया कि जर्जर बिजली पोल और लटकते तारों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने विभाग से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने उनकी समस्याओं को अनसुना कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना बिचौलिए के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाते, जो गरीबों के साथ अन्याय है। इस स्थिति ने ग्रामीणों के बीच असंतोष बढ़ा दिया है और वे तत्काल सुधार की मांग कर रहे हैं।
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यह स्थिति ग्रामीणों के लिए बिजली कनेक्शन प्राप्त करने में कठिनाई पैदा कर रही है और उनकी सुरक्षा को भी खतरे में डाल रही है।
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