हरियाणा में गर्भवती महिलाओं और उनके पतियों की एचआइवी-सिफलिस जांच अनिवार्य
हरियाणा में एड्स नियंत्रण पर जोर, गर्भवती महिला के साथ अब पति की भी होगी एचआइवी-सिफलिस जांच
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हरियाणा सरकार ने एचआइवी/एड्स के मामलों को कम करने के लिए गर्भवती महिलाओं के साथ उनके पतियों की भी एचआइवी और सिफलिस जांच कराने का निर्णय लिया है। इस साल 5.96 लाख लोगों की जांच का लक्ष्य रखा गया है, जिससे मातृ से शिशु संक्रमण को लगभग समाप्त किया जा सके।
- 01गर्भवती महिलाओं के साथ उनके पतियों की भी एचआइवी-सिफलिस जांच होगी।
- 02इस साल 5.96 लाख लोगों की जांच का लक्ष्य है।
- 032026-27 के लिए 47 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
- 04पंचकूला में नई एचआइवी वायरल लोड लैब शुरू की जाएगी।
- 05एचआइवी संक्रमित व्यक्तियों के लिए सुरक्षित वेब-आधारित प्लेटफार्म विकसित किया जाएगा।
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हरियाणा में एचआइवी/एड्स के मामलों को नियंत्रित करने के लिए गर्भवती महिलाओं के साथ उनके पतियों की भी एचआइवी और सिफलिस की जांच अनिवार्य की जाएगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. सुमिता मिश्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस वर्ष 5.96 लाख लोगों की जांच का लक्ष्य रखा गया है, जिससे मातृ से शिशु संक्रमण को लगभग समाप्त किया जा सकेगा। इसके अलावा, 47 करोड़ रुपये का बजट वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित किया गया है। राज्य में दूसरी एचआइवी वायरल लोड लैब पंचकूला में शुरू की जाएगी, जिससे जांच रिपोर्ट मिलने में तेजी आएगी। एचआइवी संक्रमित व्यक्तियों के लिए एक सुरक्षित वेब-आधारित प्लेटफार्म विकसित किया जाएगा, जिससे मरीजों की स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता बनी रहेगी। इसके साथ ही, सभी सरकारी एवं निजी कालेजों में रेड रिबन क्लब स्थापित करने और स्कूलों में किशोर शिक्षा कार्यक्रम लागू करने पर जोर दिया गया।
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यह निर्णय गर्भवती महिलाओं और उनके बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाएगा, जिससे एचआइवी और सिफलिस के संक्रमण की दर में कमी आएगी।
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