भारत का डेटा सेंटर बाजार 2030 तक 22 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद
2030 तक 22 अरब डॉलर का होगा भारत का डेटा सेंटर बाजार, AI और क्लाउड से तेज बढ़त
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भारत का डेटा सेंटर बाजार 2025 में 10 अरब डॉलर से बढ़कर 2030 तक 22 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। यह वृद्धि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार के कारण हो रही है। मुंबई और चेन्नई प्रमुख डेटा सेंटर हब बने हुए हैं।
- 01भारत का डेटा सेंटर बाजार 2030 तक 22 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।
- 025जी के विस्तार से डेटा खपत में वृद्धि हुई है, जिससे डेटा सेंटर की आवश्यकता बढ़ी है।
- 03मुंबई और चेन्नई प्रमुख डेटा सेंटर हब हैं, लेकिन टियर-II शहरों की ओर भी ध्यान दिया जा रहा है।
- 04भारत में डेटा सेंटर निर्माण की लागत अन्य एशियाई देशों की तुलना में कम है।
- 05अगले पांच वर्षों में डेटा सेंटर में 60-70 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा।
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वैश्विक डेटा सेंटर बाजार में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिसमें भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। वर्तमान में भारत का डेटा सेंटर बाजार 2025 में लगभग 10 अरब डॉलर का है, जो 2030 तक 22 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। यह वृद्धि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग, और डेटा-आधारित तकनीकों के विकास के कारण हो रही है। वेस्टियन की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में डेटा सेंटर की स्थापित क्षमता 1.4-1.6 गीगावाट है और 700 मेगावाट की क्षमता निर्माणाधीन है। 5जी के विस्तार से प्रति उपयोगकर्ता डेटा खपत में वृद्धि हुई है, जो डेटा सेंटर के विकास के लिए आवश्यकताओं को बढ़ा रहा है। मुंबई और चेन्नई प्रमुख डेटा सेंटर हब हैं, जबकि टियर-II शहर जैसे अहमदाबाद और जयपुर भी तेजी से आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं।
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भारत का डेटा सेंटर बाजार तेजी से बढ़ रहा है, जिससे नई नौकरियों और निवेश के अवसरों का सृजन होगा।
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