बिहार में शराबबंदी पर मंत्री अशोक चौधरी के संकेत, भविष्य में हो सकता है बदलाव
बिहार में शराबबंदी हटेगी या नहीं, इस पर मंत्री अशोक चौधरी ने दे दिए संकेत
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बिहार में शराबबंदी को लेकर मंत्री अशोक चौधरी ने संकेत दिए हैं कि नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद इस कानून में बदलाव संभव है। हाल ही में जहरीली शराब से हुई मौतों ने इस मुद्दे को फिर से गरमा दिया है।
- 01मंत्री अशोक चौधरी ने शराबबंदी पर भविष्य में बदलाव के संकेत दिए हैं।
- 022016 में नीतीश कुमार की सरकार ने बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू की थी।
- 03हालिया घटनाओं ने शराबबंदी के प्रभाव पर सवाल उठाए हैं।
- 04आम जनता और विपक्ष ने शराबबंदी के खिलाफ आवाज उठाई है।
- 05महिला आरक्षण बिल को लेकर मंत्री ने इसे ऐतिहासिक बताया।
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बिहार में शराबबंदी एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है, खासकर मोतिहारी में जहरीली शराब पीने से आठ लोगों की मौत के बाद। मंत्री अशोक चौधरी ने संकेत दिए हैं कि नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद इस कानून में बदलाव हो सकता है। नीतीश कुमार की सरकार ने 2016 में पूर्ण शराबबंदी लागू की थी, जिसे सामाजिक सुधार का बड़ा कदम माना गया था। हालांकि, इसके प्रभाव और क्रियान्वयन पर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। हालिया घटनाओं ने इस बहस को और तेज कर दिया है। विपक्ष और आम जनता ने कई बार शराबबंदी के खिलाफ आवाज उठाई है। इसके अलावा, अशोक चौधरी ने महिला आरक्षण बिल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे महिलाओं को राजनीति में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
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यदि शराबबंदी खत्म होती है, तो इससे शराब की बिक्री बढ़ सकती है, जो कि समाज में कई समस्याओं को जन्म दे सकती है।
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