ईरान युद्ध का असर: रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ने की संभावना
ईरान युद्ध का असर! साबुन से लेकर तेल और बिस्किट तक होने वाले हैं महंगे, दाम बढ़ाने की तैयारी में कंपनियां
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
दुनियाभर में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण बिस्किट, साबुन और खाने के तेल जैसे रोजमर्रा के सामान महंगे होने की संभावना है। FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स कंपनियां कीमतें बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ेगा।
- 01कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का असर रोजमर्रा के सामानों पर पड़ेगा।
- 02खाने के तेल की कीमत में 4-5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो सकती है।
- 03कंपनियां छोटे पैकेटों का वजन कम कर सकती हैं जबकि बड़े पैकेटों की कीमतें बढ़ेंगी।
- 04पेंट उद्योग में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का प्रभाव देखा जा रहा है।
- 05कई पैक्ड फूड कंपनियों ने एलपीजी पर निर्भर प्लांटों में उत्पादन कम कर दिया है।
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दुनियाभर में ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हो रही है, जिसका प्रभाव अब आम उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला है। बिस्किट, साबुन और खाने के तेल जैसे रोजमर्रा के सामान महंगे होने की संभावना है। FMCG (फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स) और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स कंपनियां कीमतें बढ़ाने की योजना बना रही हैं। 'नुवामा इक्विटीज' की रिपोर्ट के अनुसार, खाने के तेल की कंपनियों ने 4-5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इसके अलावा, पाम ऑयल की कीमतों में वृद्धि के कारण बीकाजी, ब्रिटानिया और नेस्ले जैसी कंपनियां भी इस तिमाही में दाम बढ़ा सकती हैं। Zydus Wellness के सीईओ तरुण अरोड़ा ने बताया कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव जारी रहता है, तो विभिन्न सामानों की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। कंपनियां छोटे पैकेटों का वजन कम कर सकती हैं, जिससे उपभोक्ताओं को कम सामान मिलेगा लेकिन कीमतें वही रहेंगी। पेंट उद्योग पर भी कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर पड़ रहा है, जिससे कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बढ़ सकता है।
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अगर कीमतें बढ़ती हैं, तो उपभोक्ताओं को रोजमर्रा की चीजों के लिए अधिक पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं, जिससे घरेलू बजट पर दबाव बढ़ेगा।
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