नोएडा की जिलाधिकारी मेधा रूपम: संघर्ष और प्रेरणा की कहानी
मजदूरों के प्रदर्शन के बीच फिर चर्चा में नोएडा की डीएम मेधा रूपम, UPSC क्रैक करने से पहले था शूटिंग का शौक
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नोएडा, उत्तर प्रदेश में मजदूरों के प्रदर्शन के बीच जिलाधिकारी मेधा रूपम चर्चा में हैं। 2014 बैच की IAS अधिकारी, मेधा ने पहले शूटर के रूप में भी पहचान बनाई और UPSC में 10वीं रैंक हासिल की। उनका कार्यकाल चुनौतियों से भरा रहा है, जिसमें हालिया मजदूरों का उग्र आंदोलन शामिल है।
- 01मेधा रूपम, 2014 बैच की IAS अधिकारी हैं और नोएडा की जिलाधिकारी हैं।
- 02उन्होंने केरल स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में तीन गोल्ड मेडल जीते और रिकॉर्ड तोड़ा।
- 03दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से पढ़ाई के बाद, उन्होंने UPSC में 10वीं रैंक हासिल की।
- 04उनका कार्यकाल कई चुनौतियों से भरा रहा है, जिसमें मजदूरों का प्रदर्शन शामिल है।
- 05वे देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बेटी हैं।
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नोएडा, उत्तर प्रदेश में मजदूरों के हिंसक प्रदर्शन के बीच जिलाधिकारी मेधा रूपम का नाम चर्चा में है। मेधा रूपम, जो 2014 बैच की IAS अधिकारी हैं, ने पहले एक सफल शूटर के रूप में पहचान बनाई। उन्होंने केरल स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में तीन गोल्ड मेडल जीते और राज्य का रिकॉर्ड तोड़ा। इसके बाद, उन्होंने 2013 में यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया 10वीं रैंक हासिल की। उनका प्रशासनिक अनुभव मेरठ और बागपत जैसे जिलों में भी है। 29 जुलाई 2025 को नोएडा की कमान संभालने के बाद, उनका कार्यकाल कई चुनौतियों से भरा रहा है, जिसमें हाल ही में एक इंजीनियर की गड्ढे में डूबकर हुई मौत का मामला भी शामिल है। अब मजदूरों के उग्र आंदोलन को संभालना उनके लिए एक अग्निपरीक्षा साबित हो रहा है।
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यह प्रदर्शन स्थानीय मजदूरों की वेतन वृद्धि की मांग को लेकर है, जो नोएडा की औद्योगिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है।
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