जम्मू-कश्मीर में गुच्छी मशरूम की खेती की नई तकनीक विकसित
Srinagar News: स्कॉस्ट-कश्मीर के वैज्ञानिकों ने सबसे महंगी जंगली मशरूम गुच्छी की खेती की प्रक्रिया विकसित की
Amar Ujala
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शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी, जम्मू-कश्मीर के वैज्ञानिकों ने दुनिया की सबसे महंगी जंगली मशरूम गुच्छी की खेती की तकनीक विकसित की है। यह उपलब्धि किसानों और वन-निर्भर समुदायों के लिए आय के नए अवसर पैदा करेगी।
- 01गुच्छी मशरूम की खेती की तकनीक विकसित की गई है।
- 02इसकी कीमत 15,000 से 40,000 रुपये प्रति किलोग्राम है।
- 03यह तकनीक किसानों के लिए नए आय के अवसर खोलेगी।
- 04जम्मू-कश्मीर गुच्छी का वैश्विक केंद्र बन सकता है।
- 05यह नवाचार हिमालयी वनों पर दबाव कम करेगा।
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शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी (स्कॉस्ट-कश्मीर) के वैज्ञानिकों ने दुनिया की सबसे महंगी जंगली मशरूम गुच्छी (मोर्चेला) की खेती की तकनीक विकसित की है। यह तकनीक, जो दशकों से वैज्ञानिक चुनौती बनी हुई थी, अब गुच्छी को एक दुर्लभ वन संसाधन से उच्च-मूल्य वाली कृषि फसल में बदलने की क्षमता रखती है। इसकी कीमत 15,000 से 40,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंचती है, जिससे यह एक लाभकारी गैर-काष्ठ वन उत्पाद बन जाती है। विश्वविद्यालय के कुलपति नज़ीर अहमद गनई ने इसे गेम-चेंजिंग बताया, जो किसानों, ग्रामीण युवाओं और वन-निर्भर समुदायों के लिए नए आय के अवसर खोलेगा। इसके अलावा, यह जम्मू-कश्मीर को 'खेती से उत्पादित गुच्छी' का एक प्रमुख वैश्विक केंद्र बनाने में मदद कर सकता है।
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यह तकनीक किसानों को गुच्छी की खेती करने की क्षमता देगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।
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