तमिलनाडु में कस्टोडियल किलिंग केस: 9 पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा
हिरासत में मौत, 9 पुलिसकर्मियों को फांसी... थाने में बाप-बेटे संग हुई बेरहमी की खौफनाक कहानी
Aaj Tak
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तमिलनाडु के सथानकुलम कस्टोडियल किलिंग मामले में मद्रास हाई कोर्ट ने 9 पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा सुनाई है। यह फैसला बाप-बेटे जयराज और बेनिक्स के साथ हुई अमानवीय यातना के बाद आया है, जिसने पूरे देश में पुलिस अत्याचार के खिलाफ गुस्सा फैलाया।
- 01मद्रास हाई कोर्ट ने 9 पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा सुनाई।
- 02जयराज और बेनिक्स को पुलिस हिरासत में बर्बरता का शिकार बनाया गया।
- 03यह मामला पुलिस अत्याचारों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय है।
- 04सीबीआई की जांच में खुलासा हुआ कि दोनों पीड़ितों को गंभीर चोटें आई थीं।
- 05इस फैसले ने पुलिस हिरासत में अमानवीय व्यवहार पर सवाल उठाए हैं।
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तमिलनाडु के सथानकुलम में बाप-बेटे जयराज और बेनिक्स के साथ हुई अमानवीय यातना के मामले में मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने 9 पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा सुनाई है। यह फैसला 19 जून 2020 को हुई घटना के बाद आया, जब जयराज को दुकान खोलने के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिया और उनके बेटे बेनिक्स ने बचाने की कोशिश की। दोनों को थाने में बेरहमी से पीटा गया, जिससे उनकी मौत हो गई। न्यायिक मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट में 18 गंभीर चोटों का उल्लेख किया गया है, जो उनकी मौत का कारण बनीं। इस मामले ने पूरे देश में पुलिस अत्याचार के खिलाफ गुस्से को जन्म दिया और 10 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया। यह फैसला न्याय की एक बड़ी जीत और पुलिस हिरासत में अमानवीय व्यवहार के खिलाफ एक कड़ा संदेश है।
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इस फैसले से पुलिस हिरासत में अमानवीय व्यवहार के खिलाफ जागरूकता बढ़ेगी और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का मार्ग प्रशस्त होगा।
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