दिल्ली में टीचर्स का बड़ा प्रदर्शन, टीईटी नियमों के खिलाफ विरोध
UGC के बाद TET न बन जाए गले की फांस, रिटायरमेंट की उम्र में परीक्षा से भड़के टीचर, दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन
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दिल्ली में देशभर के शिक्षक शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के नए नियमों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। 2011 से पहले जॉइनिंग करने वाले शिक्षकों को अब यह परीक्षा पास करना अनिवार्य किया गया है, जिससे लगभग 20 से 25 लाख शिक्षकों पर असर पड़ेगा।
- 01टीचर्स पात्रता परीक्षा (TET) के नए नियमों का विरोध
- 022011 से पहले जॉइनिंग करने वाले शिक्षकों पर परीक्षा अनिवार्य
- 03दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ा प्रदर्शन
- 0420-25 लाख शिक्षकों पर पड़ सकता है असर
- 05सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं शिक्षक
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दिल्ली में आज शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के नए नियमों के खिलाफ देशभर के शिक्षकों का बड़ा विरोध प्रदर्शन हो रहा है। नए नियम के तहत, 2011 से पहले जॉइनिंग करने वाले शिक्षकों को अब यह परीक्षा पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे लगभग 20 से 25 लाख शिक्षकों पर असर पड़ने की संभावना है। शिक्षकों का कहना है कि 15 साल की सेवा के बाद उन्हें परीक्षा पास करने के लिए मजबूर करना उचित नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, जिन शिक्षकों की उम्र 57 साल है और जो प्रमोशन लेना चाहते हैं, उन्हें यह परीक्षा पास करनी होगी। यदि वे परीक्षा में फेल होते हैं, तो उन्हें अनिवार्य रिटायरमेंट का सामना करना पड़ सकता है। इस मुद्दे पर शिक्षकों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है और वे सरकार पर दबाव बनाने के लिए लामबंद हो रहे हैं।
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यदि शिक्षकों को परीक्षा पास करने में कठिनाई होती है, तो उन्हें नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है, जिससे शिक्षकों के परिवारों पर आर्थिक प्रभाव पड़ेगा।
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