सीएम योगी और चौधरी जयंत की संयुक्त रैली से वेस्ट यूपी में सियासी हलचल
गुर्जरों में अखिलेश की रैली के बाद अब चौधरियों के गढ़ वेस्ट यूपी में सीएम योगी संग चौधरी जयंत भरेंगे हुंकार
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वेस्ट उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव के लिए सियासी गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। 13 अप्रैल को मुजफ्फरनगर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह की संयुक्त रैली प्रस्तावित है, जो चुनावी समीकरणों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
- 012027 विधानसभा चुनाव के लिए वेस्ट यूपी में सियासत गरम है।
- 0213 अप्रैल को मुजफ्फरनगर में योगी और जयंत की संयुक्त रैली होगी।
- 03रैली का उद्देश्य एनडीए गठबंधन की पकड़ मजबूत करना है।
- 04रालोद इस रैली को सफल बनाने के लिए गंभीर है।
- 05रोजगार मेले का उद्घाटन भी 13 अप्रैल को होगा, जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
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वेस्ट उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह की संयुक्त रैली 13 अप्रैल को मुजफ्फरनगर के नुमाइश ग्राउंड में आयोजित की जाएगी। यह रैली चुनावी समीकरणों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, खासकर जब अखिलेश यादव की दादरी रैली ने गुर्जर और जाट समाज में नाराजगी को जन्म दिया। रालोद ने इस रैली को लेकर गंभीरता दिखाई है और आठ अप्रैल को एक अहम बैठक बुलाई है। इस रैली के साथ ही रोजगार मेले का उद्घाटन भी होगा, जिसमें लगभग 150 कंपनियां भाग लेंगी और अनुमान है कि इससे 5000 युवाओं को रोजगार मिलेगा।
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इस रैली से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे, जो क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को बेहतर कर सकता है।
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