क्या युद्धविराम के बाद तेल की कीमतें फिर से गिरेंगी?
युद्धविराम के बीच क्या फिर पहले जैसा सस्ता होगा तेल? एनालिस्ट ने बताई पूरी तस्वीर
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अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि कीमतें युद्ध से पहले के स्तर से ऊपर बनी रहेंगी। Brent Crude Oil की कीमतें 93-95 डॉलर प्रति बैरल हैं, जो संघर्ष के बाद 60% तक बढ़ी हैं।
- 01युद्धविराम के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है।
- 02Brent Crude Oil की कीमतें 93-95 डॉलर प्रति बैरल हैं।
- 03संघर्ष के कारण तेल की कीमतें 60% तक बढ़ी हैं।
- 04महंगाई में 0.70 से 0.90 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है।
- 05हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से तेल उत्पादन प्रभावित हुआ है।
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अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा के बाद कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई है। मिराए एसेट शेयरखान के रिसर्च एनालिस्ट मोहम्मद इमरान के अनुसार, Brent Crude Oil की कीमतें 128 डॉलर से घटकर 93-95 डॉलर प्रति बैरल हो गई हैं। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी है कि कीमतें युद्ध से पहले के स्तर से लगभग 35 प्रतिशत ऊपर बनी रहेंगी। संघर्ष के कारण वैश्विक विकास दर पर 0.20 से 0.30 प्रतिशत और महंगाई में 0.70 से 0.90 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से खाड़ी देशों के तेल उत्पादन पर बड़ा असर पड़ा है, जिससे उत्पादन में कमी आई है। इमरान का मानना है कि भविष्य में कच्चे तेल की कीमतें पहले के स्तर पर लौटना मुश्किल है।
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कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से आम उपभोक्ताओं पर ईंधन की कीमतों का सीधा असर पड़ेगा, जिससे महंगाई बढ़ सकती है।
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