चौसा आम: गाजीपुरिया से लेकर विश्व प्रसिद्धि तक का सफर
गाजीपुरिया आम दुनिया भर में 'चौसा' के नाम से क्यों हुआ मशहूर? शेरशाह सूरी से जुड़ा है कनेक्शन, जानें इसकी कहानी
News 18 Hindi
Image: News 18 Hindi
चौसा आम, जिसे पहले गाजीपुरिया आम कहा जाता था, का नाम 1539 में मुग़ल बादशाह हुमायूं की हार और शेरशाह सूरी की जीत से जुड़ा है। इसकी मिठास और रसीलापन इसे आमों का राजा बनाते हैं, और यह उत्तर प्रदेश, भारत में सबसे अधिक उत्पादित होता है।
- 01चौसा आम का नाम शेरशाह सूरी की जीत से जुड़ा है।
- 02यह आम बिना रेशे वाला और अत्यधिक मीठा होता है।
- 03उत्तर प्रदेश में चौसा आम की सबसे अधिक खेती होती है।
- 04इस आम को मुग़ल बादशाह औरंगजेब भी पसंद करते थे।
- 05चौसा आम की खेती बिहार और अन्य राज्यों में भी होती है।
Advertisement
In-Article Ad
गर्मी के मौसम में आमों की चर्चा शुरू होते ही चौसा आम का नाम प्रमुखता से सामने आता है। इसे पहले गाजीपुरिया आम के नाम से जाना जाता था, लेकिन 1539 में शेरशाह सूरी और मुग़ल बादशाह हुमायूं के बीच हुए युद्ध के बाद इसका नाम बदलकर चौसा रख दिया गया। शेरशाह सूरी को यह आम बहुत पसंद था और अपनी जीत की याद में उन्होंने इसका नामकरण किया। चौसा आम की विशेषताएँ इसे अन्य आमों से अलग बनाती हैं, जैसे कि इसका बिना रेशे वाला गूदा, सुनहरा रंग, और बेमिसाल मिठास। यह आम मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर, और हरदोई जिलों में उत्पादित होता है, जबकि बिहार के भागलपुर, बक्सर, और वैशाली जिलों में भी इसकी खेती की जाती है। चौसा आम की लोकप्रियता मुग़ल दरबार तक पहुंची, जहाँ इसे बादशाह औरंगजेब द्वारा भी पसंद किया जाता था।
Advertisement
In-Article Ad
चौसा आम की खेती से स्थानीय किसानों को आर्थिक लाभ होता है और यह क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाता है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आप चौसा आम को सबसे अच्छा आम मानते हैं?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




