CBSE ने स्कूली शिक्षा में तीन भाषाओं और नए विषयों के लिए किया बदलाव
तीन भाषा, मैथ और साइंस के होंगे दो लेवल, CBSE ने किया बदलाव
Aaj Tak
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2026-27 शैक्षणिक सत्र से नई शैक्षिक नीतियों की घोषणा की है। इसमें 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में तीसरी भाषा को अनिवार्य किया गया है, और मैथ्स व साइंस में दो स्तरों की व्यवस्था लागू की जाएगी। ये बदलाव छात्रों को नई स्किल्स सिखाने में मदद करेंगे।
- 0110वीं कक्षा में तीसरी भाषा अनिवार्य होगी, शुरुआत कक्षा 6 से होगी।
- 02मैथ्स और साइंस में दो स्तरों की व्यवस्था लागू की जाएगी।
- 03आर्ट, वोकेशनल और फिजिकल एजुकेशन को अनिवार्य किया गया है।
- 04कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पाठ्यक्रम में शामिल होंगे।
- 05छात्र अपनी रुचि के अनुसार विषयों का चुनाव कर सकेंगे।
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने स्कूली शिक्षा में महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है, जो 2026-27 शैक्षणिक सत्र से लागू होंगे। नए नियमों के अनुसार, 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में तीसरी भाषा को अनिवार्य किया गया है, जिसकी शुरुआत कक्षा 6 से होगी। इसके अलावा, 9वीं और 10वीं कक्षा के छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, जिनमें से दो भारतीय भाषाएं होंगी। इसके साथ ही, मैथ्स और साइंस में दो स्तरों की व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे छात्रों पर मानसिक दबाव कम होगा। आर्ट एजुकेशन, वोकेशनल एजुकेशन और फिजिकल एजुकेशन को भी अनिवार्य किया गया है, और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। ये बदलाव उन छात्रों के लिए फायदेमंद होंगे जो साइंस के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं।
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ये बदलाव छात्रों को नई भाषाओं और विषयों में ज्ञान प्रदान करेंगे, जिससे उनकी करियर संभावनाएं बढ़ेंगी।
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