गुरुग्राम में गर्मियों में पेयजल संकट से निपटने के लिए निगम का 38 करोड़ रुपये का निवेश
गुरुग्राम में गर्मियों के दौरान नहीं होगा पेयजल संकट, सप्लाई नेटवर्क पर निगम खर्च करेगा 38 करोड़ रुपये
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गुरुग्राम नगर निगम ने गर्मियों में पेयजल संकट को खत्म करने के लिए 38 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। पानी की सप्लाई और रखरखाव का जिम्मा निजी एजेंसियों को सौंपा जाएगा, जिससे पेयजल व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।
- 01गुरुग्राम नगर निगम ने गर्मियों के दौरान पेयजल संकट को खत्म करने के लिए 38 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।
- 02पानी की सप्लाई और रखरखाव का जिम्मा निजी एजेंसियों को सौंपा जाएगा।
- 03वार्ड 11, 14, 15 और 18 के लिए 9.3 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
- 04बूस्टिंग स्टेशनों और अन्य क्षेत्रों के लिए भी अलग से करोड़ों रुपये के टेंडर प्रस्तावित हैं।
- 05रखरखाव की जिम्मेदारी एजेंसी की होगी, जिससे पेयजल संकट में कमी की उम्मीद है।
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गुरुग्राम, हरियाणा में नगर निगम ने गर्मियों के दौरान पेयजल संकट को समाप्त करने के लिए 38 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। यह राशि पानी की सप्लाई, बूस्टिंग स्टेशनों, ट्यूबवेल और डिस्ट्रीब्यूशन पाइपलाइन के संचालन और रखरखाव पर खर्च की जाएगी। नगर निगम के कार्यकारी अभियंता संदीप सिहाग के अनुसार, निजी एजेंसियों को दो साल के लिए रखरखाव का कार्य सौंपा जाएगा, जिससे पेयजल व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है। वार्ड 11, 14, 15 और 18 के लिए 9.3 करोड़ रुपये, वार्ड 1, 12 और 13 के लिए 7.9 करोड़ रुपये, और अन्य वार्डों के लिए भी विभिन्न बजट निर्धारित किए गए हैं। यह कदम गर्मियों में बोरवेल खराब होने और तकनीकी खराबियों के कारण होने वाले पेयजल संकट को कम करने में मदद करेगा।
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इस योजना से गर्मियों में पेयजल संकट में कमी आएगी, जिससे निवासियों को नियमित और पर्याप्त पानी की आपूर्ति मिलेगी।
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