अमेरिका की होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकाबंदी, ईरान और चीन की कड़ी प्रतिक्रिया
ट्रंप का ऐलान-होर्मुज में अब अमेरिका की नाकाबंदी, ईरान का पलटवार- 'हम तैयार हैं', चीन ने भी ललकारा
Ndtv
Image: Ndtv
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सभी जहाजों के लिए नाकाबंदी की घोषणा की है। ईरान ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जबकि चीन ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह ईरान के मामलों में दखल न दे। यह स्थिति क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकती है।
- 01अमेरिकी नाकाबंदी का उद्देश्य ईरानी नौसेना को कमजोर करना है।
- 02ईरान ने किसी भी आक्रामकता का कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है।
- 03चीन ने अमेरिका को ईरान के मामलों में दखल न देने की चेतावनी दी।
- 04नाकाबंदी का दायरा ईरानी समुद्री तट और बंदरगाहों को कवर करेगा।
- 05मानवीय सहायता वाले जहाजों को जांच के बाद आने-जाने की अनुमति होगी।
Advertisement
In-Article Ad
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सभी प्रकार के जहाजों पर नाकाबंदी लागू करने की घोषणा की है। यह नाकाबंदी ओमान की खाड़ी और अरब सागर में भी प्रभावी होगी। ट्रंप ने कहा कि ईरान की नौसेना पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है और चेतावनी दी है कि नाकाबंदी के करीब आने वाले जहाजों को तुरंत नष्ट कर दिया जाएगा। दूसरी ओर, ईरान ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें सेना को पूरी तरह से सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। ईरान के रक्षा मंत्री ने कहा है कि वे किसी भी आक्रामकता का कड़ा जवाब देंगे। इसी बीच, चीन ने भी अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह ईरान के मामलों में दखल न दे। नाकाबंदी का दायरा ईरानी बंदरगाहों और तेल टर्मिनलों को कवर करेगा, लेकिन मानवीय सहायता वाले जहाजों को जांच के बाद आने-जाने की अनुमति दी जाएगी।
Advertisement
In-Article Ad
इस नाकाबंदी से क्षेत्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जिससे वैश्विक बाजारों में अस्थिरता आ सकती है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि अमेरिका को ईरान के मामलों में दखल नहीं देना चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




