कानपुर में डॉक्टरों का किडनी तस्करी का नेटवर्क उजागर, 6 गिरफ्तार
टेलीग्राम ग्रुप पर डोनर-मरीज ढूंढ डॉक्टर चला रहे किडनी का काला कारोबार, 5 लाख में खरीद कर एक करोड़ में करते थे सौदा
Jagran
Image: Jagran
कानपुर, लखनऊ, दिल्ली और मेरठ के डॉक्टरों पर टेलीग्राम ग्रुप के जरिए अवैध किडनी ट्रांसप्लांट का आरोप लगा है। पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि चार आरोपी फरार हैं। आरोप है कि किडनी की बिक्री के लिए डोनरों को 5 से 6 लाख रुपये में खरीदकर 60 लाख से एक करोड़ रुपये में बेचा जाता था।
- 01डॉक्टरों का टेलीग्राम ग्रुप पर किडनी तस्करी का नेटवर्क
- 02किडनी की बिक्री के लिए डोनरों को 5-6 लाख रुपये में खरीदा जाता था
- 03पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया, चार फरार
- 04अवैध ट्रांसप्लांट के मामले में 11 अस्पतालों का संलिप्त होना
- 05किडनी ट्रांसप्लांट के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई
Advertisement
In-Article Ad
कानपुर, लखनऊ, दिल्ली और मेरठ के डॉक्टरों पर टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से किडनी ट्रांसप्लांट का अवैध कारोबार करने का आरोप लगा है। पुलिस ने इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें आहूजा अस्पताल के संचालक भी शामिल हैं। जांच में पता चला है कि ये डॉक्टर डोनरों को 5 से 6 लाख रुपये में किडनी खरीदते थे और फिर मरीजों को 60 लाख से एक करोड़ रुपये में बेचते थे। इस नेटवर्क में लखनऊ के डॉ. रोहित का नाम सामने आया है, जो दिल्ली-नोएडा और विदेशों तक फैला हुआ है। अवैध ट्रांसप्लांट के मामले में 11 अस्पतालों की संलिप्तता सामने आई है, जहां 40 से 50 मरीजों की किडनी बदलने की जानकारी मिली है। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि इस मामले में मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसमें 10 साल तक की सजा और 5 से 20 लाख रुपये तक का अर्थदंड हो सकता है।
Advertisement
In-Article Ad
यह मामला कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है।
Advertisement
In-Article Ad
More about आहूजा अस्पताल
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।

-1775465391155.webp)

