हरियाणा में किसानों का चक्का जाम, बायोमेट्रिक सिस्टम और फसल नुकसान पर उठे सवाल
बायोमेट्रिक और फसल नुकसान पर हरियाणा सरकार के खिलाफ आक्रोश, किसानों का चक्का जाम का प्लान
Ndtv
Image: Ndtv
हरियाणा के किसान संगठनों ने बायोमेट्रिक सत्यापन प्रणाली और फसल नुकसान के मुद्दों पर हाइवे जाम का ऐलान किया है। किसानों का कहना है कि सरकार ने फसल खरीद प्रक्रिया को जटिल बना दिया है, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- 01किसानों ने बायोमेट्रिक सत्यापन प्रणाली को तकनीकी रूप से जटिल बताया है।
- 02सरकार पर फसल खरीद में पारदर्शिता की कमी का आरोप।
- 03पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने मुआवजे की मांग की।
- 04किसान आंदोलन के चलते हाइवे जाम से आम जनता को परेशानी।
- 05मुख्यमंत्री ने किसानों से सरकारी व्यवस्था में सहयोग की अपील की।
Advertisement
In-Article Ad
हरियाणा में किसान संगठनों ने बायोमेट्रिक सत्यापन प्रणाली और फसल खरीद प्रक्रिया को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन करने का निर्णय लिया है। किसानों का कहना है कि बायोमेट्रिक प्रणाली तकनीकी रूप से जटिल है, जिससे मंडियों में फसल बेचने में देरी हो रही है। पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने आरोप लगाया कि सरकार ने अब तक केवल 13 करोड़ रुपये का भुगतान किया है, जबकि किसानों को 1,030 करोड़ रुपये का भुगतान मिलना चाहिए। किसानों ने बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान के लिए मुआवजे की भी मांग की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार ने फसल खरीद को पारदर्शी बनाने के लिए तकनीकी सुधार किए हैं। किसान आंदोलन के कारण कई स्थानों पर हाइवे जाम हो गए हैं, जिससे आम जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
Advertisement
In-Article Ad
किसान आंदोलन और हाइवे जाम से आम लोगों को यात्रा में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि सरकार को किसानों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।



