भारत में स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में लाखों नई नौकरियों का सृजन
Green Jobs Boom: सोलर-पवन सेक्टर में लाखों नौकरियां! 2030 तक बदल जाएगी रोजगार की तस्वीर
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भारत के स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता क्षेत्रों में रोजगार में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। भारतीय अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंध अनुसंधान परिषद (इक्रियर) के अध्ययन के अनुसार, 2030 तक स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में 9,05,000 और ऊर्जा दक्षता में 4,28,700 नई नौकरियां सृजित होंगी।
- 01स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में रोजगार 2021-22 के 3,18,000 से बढ़कर 9,05,000 होने की उम्मीद है।
- 02ऊर्जा दक्षता से संबंधित रोजगार 2021-22 के 1,26,900 से बढ़कर 4,28,700 तक पहुंच सकता है।
- 03गुजरात और राजस्थान में सबसे अधिक नई नौकरियों का सृजन होगा।
- 04सौर ऊर्जा से संबंधित रोजगार का हिस्सा 2022-30 के दौरान सबसे अधिक रहेगा।
- 05तमिलनाडु पवन ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता में प्रमुख राज्य बनेगा।
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भारतीय स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता क्षेत्रों में रोजगार में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। भारतीय अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंध अनुसंधान परिषद (इक्रियर) के अध्ययन के अनुसार, 2029-30 तक स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में रोजगार 9,05,000 और ऊर्जा दक्षता से संबंधित क्षेत्रों में 4,28,700 तक पहुंचने की उम्मीद है। यह 2021-22 में क्रमशः 3,18,000 और 1,26,900 रोजगार के मुकाबले बड़ी वृद्धि है। अध्ययन में यह भी बताया गया है कि यदि भारत 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन की क्षमता का लक्ष्य हासिल कर लेता है, तो इससे संबंधित क्षेत्रों में रोजगार 2.8 गुना बढ़ जाएगा। गुजरात और राजस्थान में सबसे अधिक 79,000 और 77,000 नई नौकरियों का सृजन होने की संभावना है। सौर ऊर्जा से संबंधित रोजगार में गुजरात और राजस्थान अग्रणी रहेंगे, जबकि पवन ऊर्जा में तमिलनाडु और गुजरात प्रमुख होंगे।
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स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों में वृद्धि से युवाओं और स्थानीय समुदायों को नई नौकरियों का लाभ मिलेगा।
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