भोपाल मेट्रो ऑरेंज लाइन के निर्माण पर सुरक्षा कारणों से रोक
खतरे को भांपकर रुका भोपाल मेट्रो का काम, जान पर मंडराया संकट; इस बात पर सभी की निगाहें
News 18 Hindi
Image: News 18 Hindi
भोपाल, मध्य प्रदेश में मेट्रो परियोजना के तहत ऑरेंज लाइन की 3.39 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड टनल का निर्माण कार्य सुरक्षा कारणों से रोक दिया गया है। मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान की विशेषज्ञ टीम द्वारा किए गए सर्वे की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसमें टनल निर्माण के संभावित जोखिमों का आकलन किया जाएगा।
- 01भोपाल मेट्रो ऑरेंज लाइन की टनल निर्माण पर सुरक्षा कारणों से रोक
- 02सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी
- 03टनल निर्माण से आसपास की इमारतों को नुकसान का खतरा
- 04रेड सी प्लाजा और शालीमार ट्रेड सेंटर के जर्जर होने का खतरा
- 05सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी गतिविधियां स्थगित
Advertisement
In-Article Ad
भोपाल, मध्य प्रदेश में मेट्रो परियोजना के तहत ऑरेंज लाइन की 3.39 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड टनल का निर्माण कार्य सुरक्षा कारणों से रोक दिया गया है। मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) की विशेषज्ञ टीम ने टनल क्षेत्र का स्ट्रक्चरल सर्वे किया है और उनकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। प्रारंभिक रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि टनल निर्माण के दौरान बूस्टिंग प्रक्रिया से आसपास की जर्जर इमारतों को नुकसान पहुंच सकता है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य पर रोक लगाई गई है। रेड सी प्लाजा और शालीमार ट्रेड सेंटर जैसे पुराने भवनों के गिरने का खतरा बढ़ गया है, जिससे आसपास के दुकानदारों की गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि मैनिट की सर्वे रिपोर्ट आने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा कि टनल निर्माण कार्य दोबारा शुरू किया जाए या उसमें कोई बदलाव किया जाए। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी गतिविधियां फिलहाल स्थगित कर दी गई हैं।
Advertisement
In-Article Ad
इस निर्णय से स्थानीय दुकानदारों और होटल व्यवसायियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है, क्योंकि मेट्रो निर्माण कार्य के कारण उनके व्यवसाय प्रभावित हुए हैं।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि मेट्रो निर्माण कार्य सुरक्षा के लिए आवश्यक है?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।


