खर्ग आइलैंड: एक Forgotten इतिहास का पुनरावलोकन
खर्ग आइलैंड की अनसुनी कहानी: जब यहां के क्लब में ईरानियों के साथ गूंजते थे अमेरिकियों के ठहाके
Aaj Tak
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खर्ग आइलैंड, जो ईरान के खाड़ी क्षेत्र में स्थित है, एक समय अमेरिका और ईरान के बीच दोस्ती का प्रतीक था। यह द्वीप अब वीरान है, लेकिन इसके इतिहास में अमेरिकी और यूरोपीय लोगों की यादें बसी हुई हैं। हाल के संघर्षों ने इसकी स्थिति को और भी खराब कर दिया है।
- 01खर्ग आइलैंड का इतिहास अमेरिका और ईरान के बीच की दोस्ती का प्रतीक था।
- 021979 की इस्लामिक क्रांति और ईरान-ईराक युद्ध ने खर्ग की स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित किया।
- 03अमेरिकी फाइटर जेट्स की बमबारी से खर्ग की बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
- 04खर्ग का समुद्री स्थान इसे ईरान के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाता है।
- 05वर्तमान में खर्ग में 8 से 10 हजार लोग रहते हैं, जिनमें से अधिकांश तेल उद्योग से जुड़े हैं।
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खर्ग आइलैंड, जो ईरान के फारसी खाड़ी में स्थित है, एक समय अमेरिका और ईरान के बीच घनिष्ठ संबंधों का प्रतीक था। 1960 से 1979 के बीच, जब मोहम्मद रज़ा पहलवी ईरान के शाह थे, खर्ग में अमेरिकी और यूरोपीय नागरिकों का एक बड़ा समुदाय था। यहां तेल निर्यात के लिए महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे का निर्माण किया गया था। लेकिन 1979 में इस्लामिक क्रांति और इसके बाद के ईरान-ईराक युद्ध ने इस द्वीप के भाग्य को बदल दिया। युद्ध में खर्ग के अधिकांश इन्फ्रास्ट्रक्चर को नष्ट कर दिया गया। आज खर्ग में लगभग 8,000 से 10,000 लोग रहते हैं, जिनमें से अधिकांश ईरान की तेल कंपनी और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के सदस्य हैं। हाल ही में अमेरिकी हमलों ने खर्ग की स्थिति को और भी चिंताजनक बना दिया है। अगर अमेरिका फिर से इस द्वीप पर बमबारी करता है, तो इसका इतिहास एक बार फिर से लिखा जाएगा।
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खर्ग आइलैंड पर संभावित अमेरिकी हमलों से स्थानीय निवासियों और तेल निर्यात पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
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