भारत के रक्षा निर्यात ने बनाया नया रिकॉर्ड, जानें प्रमुख खरीदार
भारत के रक्षा निर्यात ने बनाया नया रिकॉर्ड, जानें कौन देश खरीद रहा कौन सा हथियार
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भारत का रक्षा निर्यात 2025-26 में ₹38,424 करोड़ तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। म्यांमार, फिलीपींस और आर्मेनिया प्रमुख खरीदार बने हैं, जो कुल निर्यात का 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा बनाते हैं। यह वृद्धि स्वदेशी रक्षा क्षमताओं पर वैश्विक भरोसे को दर्शाती है।
- 01भारत का रक्षा निर्यात 2025-26 में ₹38,424 करोड़ तक पहुंचा।
- 02म्यांमार, फिलीपींस और आर्मेनिया प्रमुख खरीदार हैं।
- 03नौसैनिक प्लेटफॉर्म का निर्यात कुल का 55 प्रतिशत है।
- 04भारत का रक्षा निर्यात तेजी से बढ़ रहा है और विविध हो रहा है।
- 05यह वृद्धि भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं पर वैश्विक भरोसे को दर्शाती है।
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भारत के रक्षा निर्यात ने एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है, जो 2025-26 में ₹38,424 करोड़ तक पहुंच गया है। यह 2016-17 में मात्र ₹1,522 करोड़ था, जिससे यह लगभग 25 गुना बढ़ा है। म्यांमार, जो 28 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ा खरीदार है, इसके बाद फिलीपींस (19 प्रतिशत) और आर्मेनिया (15 प्रतिशत) का स्थान है। भारत का रक्षा निर्यात मुख्य रूप से नौसैनिक प्लेटफॉर्म पर केंद्रित है, जो कुल निर्यात का 55 प्रतिशत है। इसके अलावा, तोपखाना प्रणालियों और मिसाइलों का योगदान क्रमशः 13 प्रतिशत और 12 प्रतिशत है। यह वृद्धि भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं पर वैश्विक भरोसे को दर्शाती है और आने वाले वर्षों में भारत की वैश्विक रक्षा आपूर्तिकर्ता के रूप में भूमिका को मजबूत करने की ओर इशारा करती है।
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इस वृद्धि से भारत की रक्षा उद्योग में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और वैश्विक स्तर पर भारतीय उत्पादों की मांग में इजाफा होगा।
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