प्लेनेट लैब्स ने अमेरिका-ईरान संघर्ष की तस्वीरें जारी करने पर लगाई रोक
प्लेनेट लैब्स ने अमेरिका-ईरान जंग की सैटेलाइट तस्वीरें जारी करने पर लगाई रोक, ट्रंप प्रशासन के आग्रह पर किया फैसला
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
सैटेलाइट इमेजिंग कंपनी प्लेनेट लैब्स ने अमेरिकी सरकार के अनुरोध पर ईरान और पश्चिम एशिया के संघर्ष क्षेत्र की तस्वीरें अनिश्चित काल के लिए रोक दी हैं। यह निर्णय अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरानी मिसाइल हमलों के बाद लिया गया है, जिससे अमेरिका को नुकसान हुआ है।
- 01प्लेनेट लैब्स ने संघर्ष क्षेत्र की तस्वीरें रोकने का निर्णय लिया है।
- 02यह निर्णय अमेरिकी सरकार के अनुरोध पर किया गया है।
- 03ईरान के मिसाइल हमलों ने अमेरिका के सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाया है।
- 04प्लेनेट लैब्स ने कहा कि वह संवेदनशील तस्वीरें जारी नहीं करेगा।
- 05कंपनी भारत में भी सक्रिय है और सरकारी एजेंसियों को डेटा सहायता प्रदान करती है।
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सैटेलाइट इमेजिंग कंपनी प्लेनेट लैब्स ने अमेरिकी सरकार के अनुरोध पर ईरान और पश्चिम एशिया के संघर्ष क्षेत्र की तस्वीरें अनिश्चित काल के लिए रोकने का निर्णय लिया है। यह कदम ईरान के मिसाइल हमलों के बाद उठाया गया है, जिसमें अमेरिका के सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा है। कंपनी ने पहले ही पिछले महीने इन तस्वीरों पर 14 दिनों की रोक लगाई थी, जिसे अब बढ़ा दिया गया है। प्लेनेट लैब्स ने स्पष्ट किया है कि वह 9 मार्च से पहले की तस्वीरें जारी नहीं करेगा और यह नीति तब तक लागू रहेगी जब तक संघर्ष समाप्त नहीं हो जाता। इस निर्णय का उद्देश्य विरोधियों को इन तस्वीरों का इस्तेमाल करके अमेरिका और उसके सहयोगियों पर हमले करने से रोकना है। प्लेनेट लैब्स, जो कि दुनिया के सबसे बड़े अर्थ-इमेजिंग सैटेलाइट बेड़े का संचालन करती है, भारत में भी सक्रिय है और सरकारी एजेंसियों को भूमि उपयोग और खाद्य सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में डेटा सहायता प्रदान करती है।
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यह निर्णय अमेरिका के सैन्य ठिकानों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने में मदद करेगा, जिससे संभावित हमलों की जानकारी को नियंत्रित किया जा सकेगा।
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