गैर जीवन बीमा प्रीमियम में 9% की वृद्धि, स्वास्थ्य बीमा में तेजी का प्रभाव
गैर जीवन बीमा प्रीमियम 9% बढ़कर 3.36 लाख करोड़ रुपये, स्वास्थ्य बीमा में तेजी का असर
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वित्त वर्ष 2026 में भारत के गैर जीवन बीमा उद्योग का प्रीमियम 9.3% बढ़कर 3.36 लाख करोड़ रुपये हो गया है। स्वास्थ्य बीमा में तेजी और जीएसटी में बदलाव के कारण यह वृद्धि हुई है। हालांकि, फसल बीमा में गिरावट देखी गई है।
- 01गैर जीवन बीमा प्रीमियम 9.3% बढ़कर 3.36 लाख करोड़ रुपये हुआ।
- 02स्वास्थ्य बीमा सेग्मेंट में तेजी का योगदान महत्वपूर्ण रहा।
- 03जनरल इंश्योरेंस कंपनियों का प्रीमियम 8% बढ़कर 2.79 लाख करोड़ रुपये हुआ।
- 04एकल स्वास्थ्य बीमाकर्ताओं का प्रीमियम 519.4% बढ़ा।
- 05फसल बीमा में गिरावट आई है।
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वित्त वर्ष 2026 में भारत के गैर जीवन बीमा उद्योग का प्रीमियम 9.3% की वृद्धि के साथ 3.36 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। इस वृद्धि का मुख्य कारण स्वास्थ्य बीमा सेग्मेंट में आई तेजी है, जो माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में कमी के बाद संभव हो पाई। मार्च में गैर जीवन बीमा का प्रीमियम 28,921.9 करोड़ रुपये रहा। जनरल इंश्योरेंस कंपनियों का सकल प्रत्यक्ष प्रीमियम भी 8% बढ़कर 2.79 लाख करोड़ रुपये हो गया। एकल स्वास्थ्य बीमाकर्ताओं का प्रीमियम 519.4% की वृद्धि के साथ 45,865 करोड़ रुपये हो गया है, जबकि विशेषीकृत बीमा कंपनियों का प्रीमियम 5.14% बढ़कर 11,676.2 करोड़ रुपये हो गया है। हालांकि, फसल बीमा में गिरावट देखने को मिली है। श्रीराम जनरल इंश्योरेंस के शशि कांत दहुजा ने बताया कि स्वास्थ्य बीमा में तेजी ने इस वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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गैर जीवन बीमा प्रीमियम में वृद्धि से स्वास्थ्य बीमा के क्षेत्र में अधिक प्रतिस्पर्धा और बेहतर सेवाएं मिल सकती हैं।
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